मवाना में चल रही श्रीमद् भागवतकथा में छठे दिन कथावाचक से आशीर्वाद लेते राज्य मंत्री दिनेश खटीक
मवाना। भक्ति प्रकृति सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का विधि विधान के साथ समापन किया गया। हरिद्वार से आए गुरुदेव मोहन गोकुलधाम पीठाधीश्वर कृष्णा संजय महाराज ने योगेश्वर भगवान कृष्ण के चरित्र का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने भगवान कृष्ण के अद्भुत रास रस और मथुरा की रंगीन लीलाओं का मनमोहक वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि कृष्ण ने 17 बार जरासंध को पराजित कर उनके अत्याचारी स्वभाव का विनाश किया। पीठाधीश्वर कृष्णा संजय महाराज ने कहा कि द्वारका लीला भगवान कृष्ण के 16108 विवाहों का आध्यात्मिक भाव एक अत्यंत गूढ़ और व्यापक संदेश देता है। इसे केवल भौतिक विवाहों के रूप में देखने के बजाय, यह ब्रह्मांडीय प्रेम, भक्तिमार्ग और आत्मा के परम प्रेम से मिलन का प्रतीक माना जाता है। भगवान का प्रेम किसी भी सामाजिक, जातीय या भौतिक सीमा में बंधा नहीं है। यह प्रेम प्रत्येक जीव के लिए समान रूप से विस्तृत है, जिससे सभी को आत्मिक मुक्ति और आनंद प्राप्ति का संदेश मिलता है। रविवार को सुदामा चरित्र के साथ अद्भुत प्रसंगों का विस्तार से दोबारा स्मरण करवाया जाएगा। कथा के भंडारा हुआ और फुलों की होली खेली गई। इस दौरान सांसद चंदन चौहान, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, ब्लॉक प्रमुख योगेश प्रधान मवाना, नितिन पोसवाल हस्तिनापुर आदि मौजूद रहे। संवाद