गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक रविवार को पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे। यहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर शनिवार से ही गांव में विभिन्न कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही थीं। रविवार दोपहर राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने गांव पहुंचे जहां उनका फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।
हिसावदा गांव निवासी सत्यपाल मलिक वर्तमान में गोवा के राज्यपाल हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव व अमीनगर कस्बे के स्कूलों से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए मेरठ कॉलेज मेरठ में 1967 तक पढ़ाई की। सत्यपाल मलिक सबसे पहले बागपत से ही विधायक बने थे और दो बार राज्यसभा सांसद भी रहे। अलीगढ़ से भी सांसद चुने गए। पहले बिहार, फिर जम्मू कश्मीर और अब सत्यपाल मलिक गोवा के राज्यपाल हैं। मलिक इससे पहले 2017 में गांव में आए थे।
गाँव हिसावदा के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुँचे गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बहुत मुश्किल काम था। कश्मीर की आवाम के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर की तरक्की के लिये काम किया।
मलिक ने सबसे पहले गांव मे देवता पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद देवास पब्लिक स्कूल में शुटिंग रेंज का शुभारंभ किया। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय ने आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना बहुत मुश्किल काम था। लेकिन मैंने वहा के आवाम छात्रों के साथ मिलकर बातचीत की तो उन्होंने कहा कि यहां के लोग अंधेरे में है।
मैंने कश्मीर की जनता को यह विश्वास दिलाया कि दिल्ली आपके साथ है आपको डरने की जरूरत नही है। कश्मीर में नेताओ ने अपनी राजनीति के चक्कर मे जम्मू- कश्मीर को देश से दूर रखा और अपनी राजनीति चमकाने का काम किया। पाकिस्तान गीदड़ भभकी देता है पाकिस्तान अगर परेशान करने की कोशिश करेगा तो अपने वाला पीओके भी खो देगा।