विकास भवन सभागार में विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति की बैठक में बुधवार को खेल संसाधनों की उपलब्धता समेत कई पहलुओं की विस्तार से जानकारी ली गई। इसमें मेरठ, बागपत, हापुड़ के जिला स्तरीय अधिकारियों ने समिति को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। सभापति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी और मिनी स्टेडियम को प्राथमिकता दी जाए।
सभापति ने जनप्रतिनिधियों के विकास कार्यों और जनशिकायतों से जुड़े पत्रों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। कहा कि विभाग की ओर से की कार्रवाई के बारे में संबंधित जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए और प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो। विभागवार निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन व अनुपालन आख्या समिति को भेजने के भी निर्देश दिए। बैठक में विधायक व विधान परिषद सदस्यों की निधि से कराए गए कार्यों के अलावा विभागीय रजिस्टर, एक जिला एक उत्पाद की प्रगति, समितियों के निर्देशों के अनुपालन, विशेषाधिकार हनन प्रकरण, प्रश्न व याचिका की स्थिति तथा जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल से जुड़े मामलों की समीक्षा हुई।
सभापति ने कहा कि मेरठ देश का प्रमुख खेल केंद्र है और यहां बन रहा खेल विश्वविद्यालय युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। प्रत्येक ब्लॉक में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए भूमि चिह्नांकन कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने और ग्राम पंचायतों में लक्ष्य के अनुरूप डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना के निर्देश दिए गए। नगर विकास और मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेजी, स्वच्छता, पेयजल, सुंदरीकरण और कूड़ा प्रबंधन पर जोर दिया गया। अवैध कॉलोनी निर्माण, प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
सभापति ने खेल पर फोकस करते हुए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव से सवाल पूछे। जनपद में कितने स्टेडियम, अर्जुन अवार्डी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और ग्राम में मिनी स्टेडियम की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने के मुताबिक सभापति के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में समिति सदस्य मोहित बेनीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, विधायक गुलाम मोहम्मद, एमएलसी अश्वनी त्यागी, एसएसपी अविनाश पांडेय, सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एमडीए उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल भी बैठक में शामिल थीं।