ट्रैफिक नियम तोड़ते पुलिसकर्मियों को भी दे कोई फूल
मेरठ। यातायात माह के शुभारंभ के साथ ही शहर में दुपहिया व चौपहिया वाहनों पर सख्ती बढ़ गई है। लोगों में जागरूकता लाने के लिए ट्रैफिक विभाग हर कोशिश कर रहा है। दो दिन पूर्व गांधीगिरी भी की। बावजूद इसके खुद पुलिस विभाग के कर्मचारी ही नियम तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। पुलिसकर्मी ही अभियान की गंभीरता को समझने के लिए तैयार नहीं हैं। आखिर कौन इन पुलिसकर्मियों को फूल देगा। ताकि वह भी नियमों का सख्ती से पालन करें।
1 नवंबर को जोर-शोर के साथ यातायात माह का शुभारंभ हुआ। टीमें बनीं और सड़कों पर सख्ती शुरू हो गई। चालान काटे जा रहे हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन पुलिसकर्मी ही इस अभियान की हवा निकाल रहे हैं। दुपहिया वाहनों पर वर्दी के रौब में बिना हेलमेट घूम रहे पुलिसकर्मियों को किसी का डर नहीं दिख रहा। जिस तरह ट्रैफिक विभाग ने आम जनता को फूल देकर यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया। वैसे ही इन पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी का अहसास कराया जाना बेहद जरूरी है। रविवार को शहर के 14 स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने अभियान चलाया। इस दौरान बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहे 32 ई-रिक्शा और 28 टेंपो सीज किए गए। इसके अलावा 374 चालान हुए, जिसमें बिना हेलमेट, दुपहिया वाहनों पर मोबाइल फोन से बात, काली फिल्म लगे चौपहिया वाहन निशाने पर रहे। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित कराकर कार्रवाई की जाएगी।