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Meerut News: झोपड़ी में सो रही बच्ची की सर्पदंश से मौत, परिजनों ने किया हंगामा

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परतापुर के गांव गगोल की घटना, झाड़ फूंक के चक्कर में नहीं बच सकी बुलबुल की जान
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फोटोमाई सिटी रिपोर्टर
संवाद न्यूज एजेंसी/ संवाद
मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के गगोल गांव में तालाब किनारे झोपड़ी में रहने वाले परिवार की 12 वर्षीय बच्ची बुलबुल को सोमवार देर रात जहरीले सांप ने डस लिया। बच्ची के द्वारा बताए जाने पर भी परिजन उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाए मोहिउद्दीनपुर में एक सपेरे के पास लेकर पहुंचे। उचित उपचार न मिलने पर बच्ची को बागपत रोड स्थित केएमसी और बाद में जिला अस्पताल में ले जाया गया। मगर तब तक देर हो चुकी थी। मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत पर परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल में हंगामा। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता, स्थायी आवास और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
बच्ची के पिता कृष्णपाल के अनुसार, उनका परिवार गगोल गांव में बाहरी छोर पर तालाब किनारे रहता है। सोमवार देर रात लगभग तीन बजे एक जहरीला सांप झोपड़ी में घुस आया और चारपाई पर सो रही बुलबुल को डस लिया। बच्ची के द्वारा बताए जाने के बाद परिजन उसे मोहिउद्दीनपुर एक सपेरे के पास ले गए। वहां सही उपचार नहीं मिलने पर परिजनों ने उसका केएमसी अस्पताल और जिला चिकित्सालय में उसका उपचार कराया गया। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में कई बार जहरीले सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु बस्ती तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से तालाब की सफाई, आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सीओ ब्रह्मपुरी रामप्रकाश ने बताया कि सर्पदंश से बच्ची की मौत की जानकारी पर पुलिस पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पांच घंटे तक झाड़फूंक के चक्कर में पड़े रहे परिजन
सोमवार देर रात करीब एक बजे बुलबुल के सांप द्वारा डसने के बाद परिजन आस-पड़ोस के लोगों के कहने के चलते उसे मोहिउद्दीनपुर में झाड़फूंक कराने एक सपेरे के यहां उपचार कराने के लिए पहुंचे। सपेरे द्वारा काफी देर उपचार करने के बाद भी जब बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने अस्पताल का रुख किया लेकिन तब तक पांच घंटे बीत चुके थे। सुबह करीब छह बजे परिजन बच्ची को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। नतीजतन बच्ची की जान नहीं बच सकी। अगर समय से बच्ची को चिकित्सकीय उपचार मिलता तो बच्ची की जान बच सकती थी।

झाड़-फूंक बना जानलेवा, दस एंटी वेनम लगने के बाद भी चली गई जान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सर्पदंश से गगोल निवासी बुलबुल (12) की सर्पदंश से मौत हो गई। सोमवार देर रात को बच्ची को सांप ने डस था। परिजन मोहिउद्दीनपुर में सपेरे के पास लेकर चले गए। वहां काफी देर उपचार के बाद बागपत रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बच्ची को लाया गया और हालत न सुधरने पर मंगलवार सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसकी मौत हो गई।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक तथा वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनुराग तोमर ने बताया कि बच्ची को सर्पदंश के कई घंटे बाद लाया गया। उन्होंने बताया कि अनुभवी चिकित्सक डॉ. सचिन और डॉ. लॉरेंस की टीम ने बच्ची की जांच की। उसके पूरे शरीर में जहर फैल चुका था। चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया और दस एंटी वेनम इंजेक्शन भी लगाए गए लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी। उन्होंने बताया कि बच्ची को सर्पदंश के कई घंटे बाद लाया गया था।
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जिला अस्पताल के प्रबंधक अभिषेक वालिया ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना पांच सौ से अधिक एंटी वेनम रहते हैं। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी पर भी बरसात के मौसम में विशेषतौर पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान सांप बाहर निकल आते हैं और सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
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