Baghpat Murder: यूपी के बागपत में प्रेमी संग गई युवती की परिवार ने हत्या कर दी, जबकि प्रेमी को पीटकर छोड़ दिया। आरोपियों ने युवती की मौत टीबी होने की जानकारी गांव में दी। हालांकि युवक के परिजन ने पुलिस से गुहार लगाई तो पूरा मामला खुल गया।
Baghpat Murder: बागपत जिले के पलड़ा गांव से प्रेमी के साथ गई सानिया (18) को उसके परिजनों ने हिमाचल से बरामद कर लिया। उसके प्रेमी को धुनाई कर छोड़ दिया, जबकि सानिया की हत्या करके शव को कब्रिस्तान में दबा दिया। हत्यारोपी अपने घर से गायब हैं।
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दोघट कस्बे के पलड़ा गांव निवासी सागर का गांव की ही सानिया (18) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। 15 जुलाई को सागर अपने साथ सानिया को लेकर चला गया था। 16 जुलाई को सानिया के परिजनों ने दोनों को हिमाचल प्रदेश में पकड़ लिया।
सागर के पिता रामपाल का कहना है कि दोनों को गांव पलड़ा लाया गया और नलकूप पर लाकर पीटा गया। सागर को जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया गया।
वहीं, परिजनों ने सानिया को बहुत समझाया, मगर वह नहीं मानी। 23 जुलाई को गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव कब्रिस्तान में दफना दिया। गांव वालों को बताया कि टीवी से सानिया की मौत हुई है।
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एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा, डीएम से अनुमति मिल गई है। वहीं सागर हिमाचल में है, उसके भी बयान लिए जाएंगे। हत्यारपियों की तलाश की जा रही है।
प्रेमी संग गई युवती की परिवार ने की हत्या
पलड़ा गांव की सानिया की हत्या में दोघट पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। हत्या का हल्ला पूरे गांव में मच गया लेकिन कार्रवाई करने के बजाय दोघट पुलिस ने जांच तक नहीं की। दोघट पुलिस की बड़ी लापरवाही यहां तक सामने आई कि वह सानिया की मौत टीबी की बीमारी से होने का दावा करने लगी। शुक्रवार को जब सागर के परिजनों ने एसपी से फोन कर शिकायत की तो हत्या की घटना खुल गई।
15 जुलाई को घर से गई सानिया की उसके परिवार वालों ने तलाश शुरू कर दी और ग्रामीणों के सामने सानिया की हत्या का एलान भी कर दिया था। इसके बाद सागर के परिवार वालों को जबरदस्ती हिमाचल प्रदेश ले जाकर दोनों को पकड़ लिया।
बीमारी से सानिया की मौत होने की दी जानकारी
ग्रामीणों के अनुसार, 16 जुलाई की रात में सानिया को घर में लाने के बाद रोजाना पिटाई की गई। 23 जुलाई की सुबह बीमारी से सानिया की मौत होने की जानकारी ग्रामीणों को दी गई तो वह शव देखने पहुंचे। सानिया के गले पर निशान मिलने पर ग्रामीणों को हत्या होने का शक हुआ।
प्रेमी के परिजन ने पुलिस को दी जानकारी
इसके बाद सानिया की हत्या का हल्ला पूरे गांव में मच गया। बुधवार सुबह ही कुछ ग्रामीणों ने चौकी और थाना प्रभारी से लेकर अन्य पुलिस कर्मियों को घटना की जानकारी दी। सागर के परिजनों ने खुद भी चौकी पर जाकर पुलिस को सानिया की मौत के बारे में बताया और हत्या का शक जाया।
पुलिस ने सानिया के चाचा को पकड़ा
इसके बावजूद दो दिन तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार सुबह को एसपी सूरज कुमार राय के पास सागर के परिजनों ने फोन करके इस बारे में बताया तो पुलिस नींद से जाग गई। पुलिस ने गांव में जाकर जांच शुरू की और सानिया के चाचा को पकड़ा। तभी पूरी घटना का खुलासा हो गया। पुलिस की इस लापरवाही को लेकर भी एसपी जांच करा रहे हैं।
होली पर शुरू हुई थी सानिया और सागर की प्रेम कहानी
सागर के पिता रामपाल ने बताया कि उसका परिवार करीब 26 साल से हिमाचल प्रदेश के ईंट भट्ठे पर काम करता है और सागर भी वहीं पर रहता है। उसने अपनी एक बेटी की शादी भी वहीं पर कर दी थी। कभी-कभी गांव आकर मकान की सफाई कर कुछ दिन बाद वापस ईंट भट्ठे पर चला जाता है। होली पर्व पर छह फरवरी को अपने परिवार के साथ पलड़ा गांव में आकर रहने लगे। होली पर्व पर ही सागर और सानिया के बीच बातचीत शुरू हो गई थी।
दहशत में सागर का परिवार
रामपाल ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से है और गांव में उनकी जाति के करीब बीस घर है जबकि पूरा गांव मूले जाट जाति के लोगों का है। नलकूप पर बंधक बनाकर पिटाई के बाद उसे अपने बेटे की हत्या होने का डर सताने लगा था, इसी वजह से 17 जुलाई की सुबह सागर को पुसार बस स्टैंड पर छोड़कर आ गया। सानिया के परिवार वालों की धमकी मिलने के बाद से उसका परिवार भयभीत है और गांव के लोग भी मदद करने को आगे नहीं आए।
छोटी बातों पर तमंचा निकालकर ले आते थे आरोपी पक्ष के लोग
रामपाल ने आरोप लगाया कि मृतका सानिया के परिवार वाले गांव में अक्सर झगड़ा करते रहते हैं। उनका परिवार काफी बड़ा होने की वजह से छोटी बात पर तमंचा निकालकर ले आते हैं। इस वजह से गांव के लोग भी उनसे डरते हैं। सानिया के दादा रालोद के नेता रह चुके हैं, जिनकी कई गांवों में पकड़ थी और उनकी छवि भी अच्छी थी। मगर उनके बाद परिवार वालों की दबंगई के कारण लोग उनसे डरते है।