इसके बाद परिवार पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जाने लगा। कभी पैसे का लालच दिया गया, तो कभी धमकी दी गई। बेटी हर रोज डर और तनाव में जी रही थी। यह सब पुलिस को भी बताया गया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। लोहियानगर और लिसाड़ीगेट थाने के बीच जिम्मेदारी को लेकर टालमटोल होती रही और पीड़िता की चिंता लगातार बढ़ती गई।
परिजनों ने बताया कि मोहल्ले में लोग भी अब बातें बनाने लगे थे। मानसिक दबाव के बीच बेटी ने आखिरकार वह कदम उठा लिया, जिससे सबकुछ खत्म हो गया।
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. हिमानी अग्रवाल ने मौके पर ही परिवार को भरोसा दिलाया कि अब उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने खुद का फोन नंबर देते हुए कहा कि किसी भी वक्त संपर्क करें, पूरी मदद की जाएगी। साथ ही पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
उधर, लिसाड़ीगेट पुलिस ने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पांच युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार देर रात नामजद आरोपी आमिर, सुहेल और साकिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।