बिटिया ने किया पिता का अंतिम संस्कार
मेरठ। कोरोना का कहर लगातार परिवारों को कॉल का ग्रास बना रहा है। 10 दिन में एक ही परिवार में दो भाइयों की मृत्यु हो गई। एक कोरोना से लड़ते हुए दम तोड़ गया तो दूसरा उसकी सेवा के लिए घंटों ऑक्सीजन की लाइन में खड़ा रहा और अस्पताल में ड्यूटी देता रहा। इसके चलते वह भी संक्रमित हो गया। उसकी भी मौत हो गई। ऐसे में मृतक की बेटी ने बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता का आर्य समाज की रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया।
आर्य समाज बुढ़ाना गेट के अध्यक्ष अशोक सुधाकर महामारी के दौर में एक तरफ श्मशान घाट में गैस संचालित शवदाह गृह लगवाने की कवायद में जुटे हैं। वहीं, वह मात्र 10 दिन में अपने दो भतीजों को खो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 6 मई को सचिन अग्रवाल की आनंद अस्पताल में मृत्यु हुई। बाद में उसका बड़ा भाई नितिन अग्रवाल संक्रमित हो गया। 15 मई को उसकी भी मृत्यु हो गई। नितिन की बड़ी बेटी टिमटिम ने पिता का अंतिम संस्कार किया। अशोक सुधाकर ने बताया कि नितिन श्मशान में परिवार की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी लोग नितिन को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। इस दौरान सबकी आंखें नम हो गईं।
निशुल्क शवों को पहुंचा रहे श्मशान घाट
इंसानियत मानव सेवा समिति के वालंटियर्स प्रतिदिन तीन से चार शवों को अपनी एंबुलेंस की मदद से निशुल्क सूरजकुंड श्मशान में पहुंचा रहे हैं। समिति के आशुतोष वत्स और राहुल कस्तला ने समिति मेडिकल स्थित कोविड शवग्रह पर हेल्पलाइन नंबर 9720117686 चस्पा कर दिया है। आशुतोष ने बताया कि मेडिकल में एंबुलेंस चालकों द्वारा शवों को लेकर जाने में अवैध वसूली के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में 24 घंटे समिति द्वारा निशुल्क जरूरतमंद लोगों को एंबुलेंस की सुविधा दी जाएगी।