चीख-पुकार सुनकर गांव वाले दौड़ पड़े और आग में फंसे परिवार वालों को बाहर निकाला लेकिन तब तक प्रीति उर्फ गुड़िया बुरी तरह से झुलस चुकी थी। चारों झुलसे हुए लोगों को अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्रीति उर्फ गुडिया को मृत घोषित कर दिया जबकि मां और दोनों भाईयों की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस मामले में देवबंद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे कोई व्यक्ति मोमबत्ती जलाकर पशुओं को चारा डाल रहा था। उसी समय हादसा हो गया। जबकि गांव के लोगों का कहना है कि झोपड़ी के ऊपर से जा रही बिजली की लाइन से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लगी। पुलिस पुलिस की जांच-पड़ताल में जुट गई है।