कांवड़ यात्रा सुरक्षा में घोर लापरवाही
मोदीनगर। कांवड़ यात्रा सुरक्षा में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। कांवड़ यात्रा के मार्ग पर पड़ने वाले लोहे के खंभों एवं खुले में रखे ट्रांसफार्मर के चारों तरफ मानक अनुरूप बैरिकेडिंग नहीं की गई और लोहे विद्युत पोल पर भी जालीदार पन्नी बांधी गई है। जिसमें बारिश का पानी आसानी से पार हो सकता है। ऐसे में दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के लिए प्रशासन सुरक्षा के प्रत्येक बिंदु पर बडे़ पैमाने पर तैयारी करता है। इसके तहत संबंधित विभाग को सुरक्षा का जिम्मा सौंप दिया जाता है। ऐसे सड़क किनारे लगे लोहे के खंभों और खुले में रखे ट्रांसफार्मर को पूरी तरह बैरिकेडिंग और प्लास्टिक सीट से कवर करने का कार्य विद्युत विभाग पूरा करता है। इसके लिए गत दिनों हुई बैठक में जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए मानक अनुसार कार्य शीघ्रता से पूरे करने का आदेश दिया। विद्युत विभाग ने जनपद की सीमा कादराबाद से सड़क किनारे लगे लोहे के पोल्स पर मात्र तीन से चार फीट की ऊंचाई तक जालीदार पन्नी लपेट डाली। जो रस्सी ढीली होने के कारण सरककर जमीन से मिल गई। इसके अलावा खुले में रखे ट्रांसफार्मर की बैरिकडिंग में बल्ली के स्थान पर बहुत हलके और पतले बांस का इस्तेमाल किया गया जो लगने के साथ गिरने भी शुरू हो गए तथा कई स्थानों को बगैर बैरिकेडिंग के छोड़ दिया गया।
लोहे के विद्युत पोल्स को कवर करने के ये हैं मानक
गत दिनों जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क किनारे पड़ने वाले लोहे के खंभों को प्लास्टिक शीट छह फीट की ऊंचाई तक कवर करने तथा खुले में रखे ट्रांसफार्मर की भी इतनी ही ऊंचाई तक बैरिकडिंग करने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए थे।
क्या बोले अधिशासी अभियंता
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता शशांक शेखर का कहना है कि बैन के कारण पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसलिए जालीदार पन्नी उपयोग की गई है।