सौतेले पिता ने रजवाहे में फेंककर की थी दो साल के बेटे की हत्या
मोदीनगर। निवाड़ी थाना क्षेत्र के खिंदौड़ा-ग्यासपुर रजवाहे में चार दिन पूर्व मिले मासूम के शव के मामले का खुलासा हो गया। दो वर्षीय बच्चे की शिनाख्त बुधवार को थाने पहुंचे परिजनों ने अंकुर निवासी गुरुग्राम के रूप में की। बताया कि सौतले पिता ने अंकुर, उसकी बड़ी बहन (6) और मां रजनी को मेरठ के जानी स्थित टिमकिया माइनर में धकेल दिया था, जिसमें बहन-भाई नहर में बह गए थे। आरोपी के जाने के बाद उनकी मां किसी तरह बाहर आ गई थी। बाद में अंकुर का शव बहकर निवाड़ी क्षेत्र में रजवाहे में पहुंच गया था।
ग्यासपुर रजवाहे में 28 फरवरी को मासूम का शव झाड़ियों में फंसा मिला था। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। बुधवार को गुरुग्राम के थानाक्षेत्र खेड़कीदौला से रजनी परिजनों और वहां की पुलिस के साथ निवाड़ी थाने पहुंची। उसने कपड़ों व फोटो के आधार पर शव की शिनाख्त अपने दो वर्षीय बेटे अंकुर के रूप में की। बताया कि रजनी के पति की मौत हो गई थी। बाद में रजनी की शादी सोनू निवासी गुरुग्राम से हुई। रजनी के पहले पति से एक छह वर्षीय पुत्री और दो वर्षीय पुत्र अंकुर था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही सोनू रजनी को परेशान करने लगा। संपत्ति बंटवारे के डर से उसके दोनों बच्चों की हत्या की साजिश रचने लगा। 27 फरवरी को सोनू रजनी और दोनों बच्चों को मेरठ के जानी स्थित टिमिकिया कोठी के पास नहर पर ले आया और मौका देखकर तीनों को माइनर में धक्का दे दिया। पुलिस ने बताया कि इस दौरान सोनू का बड़ा भाई प्रदीप और उसका साला भी साथ मे थे। धक्का देने के बाद तीनों फरार हो गए। दोनों बहन भाई पानी में बह गए। जबकि रजनी किसी तरह बचकर बाहर आ गई और परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने खेड़कीदौला में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। मीडिया में छपी खबरों के आधार पर वह शव की शिनाख्त के लिए निवाड़ी थाने आई। निवाड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक हरिओम सिंह ने बताया है कि बच्चे के शव की शिनाख्त दो वर्षीय अंकुर के रूप में हुई है। अग्रिम कारवाई गुरुग्राम पुलिस ही करेगी।