कारों की भिड़ंत में देवर व भाभी की मौत, 12 घायल
मोदीनगर। गंगनहर पटरी पर बृहस्पतिवार सुबह दो कारों की भिड़ंत में देवर-भाभी की मौत हो गई। दो बच्चों समेत 12 लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों और आते-जाते वाहन चालकों से अपील की, लेकिन असंवेदनशीलता दिखाते हुए कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। तब पुलिस ने कार में फंसे घायलों को किसी तरह निकालकर निजी वाहन मंगवाकर अस्पताल भिजवाया। पंचनामा भरने के बाद दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए दिए गए। हादसे के बाद गंगनहर पटरी पर जाम लग गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त दोनों कारों को क्रेन की सहायता से हटवाकर यातायात सुचारु करवाया।
मूलरूप से मुजफ्फरनगर के सिसौली स्थित अलावलपुर गांव निवासी गौरव शर्मा गाजियाबाद के प्रताप विहार में रहते हैं। गौरव किसी काम से परिवार सहित दो दिन पहले गांव गए हुए थे। बृहस्पतिवार तड़के वह पत्नी आस्था और बच्चों अभि, रिया व भाई गोविंद एवं दीपक के साथ कार से गंगनहर पटरी होते हुए लौट रहे थे। पैंगा गांव के पास एक अन्य कार से उनकी जबरदस्त टक्कर हो गई। दोनों गाड़ियां हवा में उछल र्गइं। चीख पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे घायलों को किसी तरह निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने गोविंद शर्मा (28) और आस्था शर्मा (26) को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अभि, रिया, दीपक और गौरव शर्मा को दिल्ली रेफर कर दिया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उधर, दूसरी कार में सवार छह लोग भी घायल हो गए। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना की रिपोर्ट गौरव शर्मा के भाई गुलशन शर्मा ने दर्ज कराई है।
सड़क पर पड़े कराह रहे थे घायल, लोगों ने नहीं रोकी गाड़ियां
भीषण दुर्घटना के बाद गंगनहर पटरी खून से लाल हो गई। चारों ओर चीख-पुकार मची थी। इसी बीच निवाड़ी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य शुरू किया। गौरव शर्मा का परिवार बुरी तरह कार में फंसा हुआ था। पुलिस ने पहले घायलों को निकालकर उन्हें अस्पताल भेजने के लिए वहां से गुजर रहे वाहनों से मदद की अपील की, लेकिन वाहन चालकों की संवेदनाएं मर चुकी थीं। लोगों का दिल लहूलुहान दो मासूम बच्चों को देखकर भी नही पसीजा। काफी प्रयास करने के बाद भी जब कोई वाहन वहां नही रुका तो पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश कर अपने निजी वाहन मंगवाकर घायलों को अस्पताल भिजवाया।