कलछीना में एटीएस की हिरासत से पीएफआई के एजेंट को छुड़ाया
मोदीनगर। भोजपुर के कलछीना गांव में बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एजेंट परवेज आलम की गिरफ्तारी के लिए पहुंची आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) की टीम पर हमला हो गया। टीम परवेज को हिरासत में ले चुकी थी। उसके परिवार की महिलाओं और पड़ोसियों ने उसे छुड़ा लिया और पत्थर फेंककर टीम को वहां से चले जाने पर मजबूर कर दिया। दो घंटे बाद टीम फिर से वहां पहुंची लेकिन इस बार परवेज नहीं मिला। इस पर टीम उसके भाई और पिता को साथ ले गई।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को देश भर में पीएफआई के एजेंटों की तलाश में छापे मारे। यूपी एटीएस ने इसमें सहयोग किया। पश्चिमी यूपी में कई जगह एटीएस ने छापे मारे। कलछीना में बेहद सटीक सूचना पर टीम पहुंची थी। परवेज घर पर ही मिल गया। टीम को अंदाजा नहीं था कि उसके परिवार के लोग और पड़ोसी हमला भी कर सकते हैं। गांव के लोगों ने बताया कि टीम जैसे ही उसे लेकर चली, वैसे ही हमला हो गया। लोगों ने पत्थर फेंके। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोपहर में उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली।
पुलिस अधिकारी हमले की बात से इनकार कर रहे हैं लेकिन उनके पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि जब हमला नहीं हुआ तो हाथ आए परवेज को गिरफ्तार क्यों नहीं जा सका? सीओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि भीड़ का फायदा उठाकर परवेज भाग निकला। पुलिस पर हमला और पथराव की बात गलत है। पूछताछ के लिए परवेज अहमद के पिता इमरान और उसके भाई फुरकान को हिरासत में लिया गया है।
पश्चिमी यूपी का प्रभारी रह चुका परवेज
परवेज आलम लंबे समय से पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। वह संगठन का पश्चिमी यूपी का प्रभारी रह चुका है। 2019 में राम मंदिर पर आए फैसले और नागरिता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध से सुर्खियों में आया था। सीएए के विरोध में चले आंदोलन में उसने पश्चिमी यूपी की कमान संभाली थी सुरक्षा एजेंसियों ने उस पकड़े का प्रयास किया लेकिन वह हाथ नहीं लगा था। परवेज की तलाश में सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल तक खाक छानी थी। बाद में परवेज अहमद को मेरठ से गिरफ्तार किया गया था। वह एक बार मुरादनगर से भी जेल जा चुका है।
कबाड़ी का करता है काम
वह वकालत का छात्र रहा है। वकालत के दौरान वह पीएफआई पदाधिकारियों के संपर्क में आया और उसका एजेंट बन गया। काफी समय से वह गांव में कबाड़ी का काम कर रहा है। उसके दो भाई हैं। इमें फुरकान गांव में ही पंसारी की दुकान करता है और दूसरा भाई नौकरी करता है।
दूसरी बार हुआ सुरक्षा एजेंसी पर हमला
भोजपुर क्षेत्र में गिरफ्तारी के दौरान पूर्व में भी सुरक्षा एजेंसी पर हमला हो चुका है। दिसंबर 2017 में एनआईए की टीम भोजपुर के नाहली गांव में मलूक को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस दौरान एनआईए की टीम पर हमला हो गया था। हमले में टीम का एक सदस्य घायल हो गया था। उधर, एटीएस ने मुरादनगर के नेकपुर गांव में बुधवार रात छापा मारकर एक संदिग्ध युवक हिरासत में लिया। टीम संदिग्ध को अपने साथ ले गई। स्थानीय पुलिस मामले की जानकारी से इनकार कर रही है।