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करंट लगने से किसान की मौत पर लोगों ने किया हंगामा

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करंट लगने से किसान की मौत पर लोगों ने किया हंगामा
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मोदीनगर। हापुड़ मार्ग स्थित गांव गदाना में शनिवार सुबह ईख की फसल में खाद लगाने गए किसान सहंसरपाल 70 साल की बिजली के टूटे तार की चपेट में आकर मौत हो गई। साथ गया किसान का भी पुत्र भी तार की चपेट में आकर झुलस गया। घटना के विरोध में गुस्साए भाकियू से जुड़े किसानों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव सड़क पर रखकर हंगामा किया और जाम लगा दिया। किसान को आर्थिक सहायता राशि का चेक मिलने के बाद ही मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गांव गदाना निवासी सहंरसपाल किसान थे। परिवार में पत्नी शांति देवी और पुत्र सोविंद्र व समीर के साथ रहते थे। सहंसरपाल ने गांव के ही एक किसान की कुछ जमीन ठेके पर ले हुई थी। वर्तमान में ईख की फसल बो रखी है। वह शनिवार सुबह अपने पुत्र समीर के साथ ईख में खाद लगाने के लिए गए खेत पर गए। खेत में घुसते ही संहसरपाल वहां से गुजर रही विद्युत लाइन के टूटे तार की चपेट में आ गए। पुत्र समीर लकड़ी आदि की मदद से टूटे तार को हटाकर गंभीर पिता को पास ही स्थिति एक निजी अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान समीर भी करंट लगने के कारण झुलस गया। किसान की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की जानकारी के बाद मौके पर सैकड़ों ग्रामीण और भाकियू से जुड़े किसान जमा हो गए। विरोध में आक्रोशित लोगों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया तथा शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सुनील कुमार सिंह तथा तहसीलदार हरिप्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और भीड़ को मनाने का प्रयास किया। आक्रोशित लोगों ने उनकी बात नही मानी तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। घटना की सूचना के बाद विधायक डॉ. मंजू शिवाच भी मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद अधिशासी अधिकारी अमित सक्सेना मौके पर पहुंचे तो भीड़ आक्रोशित हो गई तथा नारेबाजी करने लगी। आरोप लगाया कि काफी समय से जंगल से गुजरने वाली लाइन जर्जर है, कई बार शिकायत की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। विधायक तथा अधिकारियों ने लोगों को समझाबुझा कर शांत किया। मुआवजे को लेकर काफी देर तक वार्ता हुई। इसके बाद विद्युत विभाग ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा तथा अन्य मदद के लिए शासन को लिखने का आश्वासन दिया। सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर विद्युत विभाग के अधिशासी अधिकारी, एसडीओ तथा जेई की खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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