चोरी की कार का रंग बदलवा
चलाता रहा हेड कांस्टेबल
मोदीनगर। बरामदगी की रकम में से लिंक रोड पुलिस के 70 लाख रुपये गबन करने और इंदिरापुरम पुलिस द्वारा रिश्वत लेकर जुआरियों को होटल से छोड़ने के बाद पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। इस बार सिहानी गेट थाने में तैनात हेड कांस्टेबल विपिन जावला ने मोदीनगर थानाक्षेत्र से चोरी कार बरामद होने के बाद उसका रंग बदलवा दिया और इस्तेमाल करता रहा। पुलिस के कार्रवाई न करने पर निवाड़ी निवासी कार मालिक गौरव ने खुद तफ्तीश की तो हेड कांस्टेबल की पोल खुल गई। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने हेड कांस्टेबल विपिन जावला को सस्पेंड कर सीओ को विभागीय जांच सौंप दी है। कार मालिक का आरोप है कि पुलिस ने किसी हेड कांस्टेबल का बचाव करते हुए किसी अन्य व्यक्ति से कार बरामद दिखाकर उसे जेल भेज दिया। वह मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत करेगा।
मूलरूप से निवाड़ी निवासी गौरव काफी समय से नगर की शिवपुरी में रहते हैं। उन्होंने बताया गया कि अक्तूबर 2020 में उनकी कार चोरी हो गई। उन्होंने एक युवक को नामजद करते हुए तहरीर दी। करीब 15 दिन भटकने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद वह लगातार पुलिस से कार बरामद करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस से कोई मदद न मिलने पर उन्होंने खुद जांच शुरू की। कईमहीने के अथक प्रयास से तीन दिन पहले अपनी कार बरामद करा दी। गौरव ने कार इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी दी तो पुलिस भी सकते में आ गई। गौरव का आरोप है कि सिहानी गेट थाने में तैनात पुलिसकर्मी विपिन जावला ने एक वाहन चोर से उनकी कार के साथ एक स्कूटी भी बरामद की थी। लेकिन कार अपने पास रखकर स्कूटी चोरी में जेल भेज दिया। इतना ही नहीं कार का रंग बदलवाकर और लखीमपुर खीरी में चल रही एक अन्य कार की नंबर प्लेट लगाकर उसे खुद चलाने लगा। कार पर उसने पुलिस क ा लोगो भी लगवा दिया था। गौरव का आरोप है कि उसने सिपाही से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस को दिए, लेकिन थाना पुलिस ने मामले में खेल करते हुए एक अन्य आरोपी से कार बरामद दिखाकर उसे जेल भेज दिया।
गुपचुप कार चोर को जेल भेजने से पुलिस आई सवालों के घेरे में
पुलिस छोटे से छोटी बरामदगी पर प्रेस नोट जारी कर वाहवाही बटोरती है। किसी टूटी-फूटी बाइक बरामदगी का भी प्रेस नोट जारी करने वाली पुलिस ने चोरी की नई कार बरामद करने की खबर किसी को कानों कान नहीं होने दी। इतना ही नहीं चोरी की कार बरामद और आरोपी को जेल भेजने वाले दरोगा अनिल सिंह ने तो मामला संज्ञान में होने से ही इंकार कर दिया। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
लाल से सफेद हो गई कार, रंग बदलने वाले गैराज का जिक्र नहीं
चोरी की कार को इस्तेमाल करने से पहले उसका रंग बदलवाया गया। फिर उस पर उसी कंपनी के उसी मॉडल की एक कार की नंबर प्लेट लगाई गई। पीड़ित कार स्वामी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। बरामद कार से इस बात का खुलासा भी हुआ कि उसका रंग लाल से सफेद हो गया। मगर पुलिस ने इसका कहीं कोई जिक्र नहीं किया है। इतना ही नहीं, गौरव का आरोप है कि उसने एक युवक को नामजद किया था। पर्याप्त साक्ष्य भी पुलिस को भी दिए। मगर तत्कालीन चौकी प्रभारी नामजद और साक्ष्य होने के बावजूद आरोपी को बचाने की जुगत में लगे रहे। मामला क्राइम ब्रांच का काम देख रहे एक हेड कांस्टेबल को दे दिया गया। जिसने आरोपी नितिन से एक स्कूटी और कार बरामद की। आरोप है कि हेड कांस्टेबल नितिन से केवल स्कूटी ही बरामद दिखाई।
वर्जन.....
मोदीनगर थाने में दर्ज कार चोरी के मामले में सिहानी गेट थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल विपिन जावला को निलंबित किया गया है। मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। हेड कांस्टेबल का पूर्व का इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
- कलानिथि नैथानी, एसएसपी