जल की हर बूंद को रखें संजोकर
मुरादनगर। पानी हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है, ये समझाया गया ओमसन पब्लिक स्कूल में। सोमवार को जल संरक्षण को लेकर जागरूकता पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत ओमसन पब्लिक स्कूल में जल संरक्षण पर कार्यक्रम किया गया। स्कूल के प्रबंधक अशोक गुप्ता और निदेशक अनुराग गुप्ता ने जल संरक्षण प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य, पशु-पक्षी, जीव-जंतु और प्रकृति सभी के लिए जल अति महत्वपूर्ण है। जल, प्रकाश, वायु, अग्नि सभी आवश्यक हैं और यह एक दूसरे की पूर्ति नहीं कर सकते। जल की एक-एक बूंद को हमें संजोकर रखना चाहिए। जल की सुरक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। जल को बचाने के लिए गंभीरता से सभी को विचार करना चाहिए। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। इसी जीवन को बचाने के लिए स्वच्छ जल की आवश्यकता है। प्रबंधक अशोक गुप्ता और निदेशक अनुराग गुप्ता ने जल संरक्षण जागरूकता पेटिंग के विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया। प्रधानाचार्या शालिनी अग्रवाल, रीतुदास, गजेंद्र त्यागी आदि मौजूद रहे।
जल संरक्षण मानव का सर्वोपरि कर्तव्य है। मनुष्य का स्वास्थ्य स्वच्छ जल पर आधारित है। जल ही जीवन है। जल बिन सब सून पंक्ति पूरी तरह सत्य है। ब्रश और मुंह धोने के समय नल को निरंतर न चलाएं। - तूलिका, छात्रा
जल बचाकर ही हम अपना कल बचा सकते हैं। आज जल व्यर्थ बहाकर अपनी भावी पीढ़ी को जल से वंचित न करें। शौचालयों में शुद्ध जल न बहाकर प्रयोग किए गए जल का इस्तेमाल करें। रश्मि, छात्रा
वर्षा के जल को व्यर्थ न बहाकर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से एक जगह एकत्रित करें। पौधरोपण कर बादलों को वर्षा के लिए आमंत्रित करें। घर के कामों में प्रयोग किए गए पानी को बागवानी में प्रयोग करें। - इकरा, छात्रा
सरकारी तंत्र के द्वारा दूषित जल को शुद्ध करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। पीने का पानी आवश्यकता अनुसार गिलास में लें। मेहमानों को भी आधा गिलास पानी देना चाहिए। मांग होने पर दोबारा देना चाहिए। - कनिका, छात्रा
सामाजिक संस्थाएं जो जल संरक्षण के लिए कार्य करती हैं, वह बच्चों से जुड़कर उन्हें प्रेरित करें। जल संरक्षण पर आधारित नुक्कड़ नाटक करने चाहिए, जिससे लोग जल बचाने के लिए प्रोत्साहित हों। - तन्वी, छात्रा
शुद्ध जल की आवश्यकता जलीय जीव-जंतुओं को बचाने के लिए भी जरूरी है। नहाते समय शावर व वाहन धोते समय पाइप का प्रयोग न कर बाल्टी का प्रयोग करें। मौसम के अनुसार पौधों को जरूरत के अनुसार पानी देना चाहिए। - वैष्णवी, छात्रा