अजय की हत्या के बाद घंटाघर पर दो घंटे खूब बवाल चला। किसी के भ्रमित करने पर परिजन और भीड़ पुलिस से उलझ गई। पुलिस पर आरोप लगाने लगे। माहौल गर्माने लगा। एसएसपी सहित शहर के पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों को शांत किया।
परिजनों के मौके पर पहुंचने से पहले ही अजय के शव को जिला अस्पताल ले जाया जा चुका था। परिजन और उनके परिचित पहुंचे तो किसी ने उन्हें भ्रमित कर दिया कि पुलिस की फायरिंग में अजय की मौत हुई है। पुलिस की गोली उसे लगी है। इससे परिजन गुस्सा गए। वे घंटाघर पुलिस चौकी पहुंच गए और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से उलझ गए । पुलिस पर आरोप लगाने लगे। जिससे वहां हंगामा खड़ा हो गया। पीड़ित पक्ष से काफी भीड़ वहां आ गई और पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की होने लगी। अजय की मां और परिजन जमीन पर लेटकर चीखते हुए पुलिस को कोसने लगे।
एसएसपी मंजिल सैनी सहित शहर के अफसर और थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुुंचे। परिजनों और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। अधिकारियों ने समझाया कि दो पक्षों की लड़ाई के दौरान वहां से गुजर रहे अजय को गोली लगी थी। एसएसपी ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ पुलिस की पूरी हमदर्दी है। भरोसा दिया कि पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेगी। काफी प्रयास के बाद भीड़ शांत हुई। घंटाघर पर रात करीब आठ बजे शुरू हुआ बवाल रात करीब 10 बजे शांत हुआ।
बंद हो गए बाजार
घंटाघर पर हंगामा शुरू होते ही आसपास की दुकानें धड़ाधड़ बंद होनी शुरू हो गई। घंटाघर के अलावा वैली बाजार और खैर नगर में भी कई लोगों ने दुकानें बंद कर दीं।
कल की कोई गारंटी नही
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा पुलिस से उलझ गए। कहा कि सरेआम इस तरह से गुंडई हो रही है। दूसरे समुदाय के युवकों के पास थोक में अवैध असलहे हैं और वे जहां देखो फायरिंग कर रहे हैं। इस फायरिंग में एक बेकसूर की जान गई है। घर का एक चिराग बुझा है। कमल दत्त ने साफ कह दिया कि चाहे आरोपियों के घर की चौखट तोड़ो, कुर्की करो, कल तक हर हाल में गिरफ्तारी हो जानी चाहिए। आज तो मामला संभाल लिया है। लेकिन कल की कोई गारंटी नहीं होगी।