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मेरठ के प्रह्लाद नगर से कई लोगों ने घर छोड़ा, छेड़छाड़-फायरिंग यहां आम बात, पुलिस-प्रशासन खामोश

Thu, 27 Jun 2019 10:52 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पलायन - फोटो : अमर उजाला
मेरठ का प्रह्लाद नगर असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। लोग वहां से घर छोड़कर जाने को मजबूर हैं। महिलाओं से छेड़खानी और फायरिंग होने की घटना रोजमर्रा हो रही हैं। प्रह्लाद नगर के चारों ओर अल्पसंख्यक बहुल मोहल्ले हैं। आरोप है कि आपराधिक प्रवृति के लोगों ने प्रह्लाद नगर में रहने वाले लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। 

देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए बहुसंख्यकों को यहां बसाया गया था। इसे रिफ्यूजी कॉलोनी के नाम से भी जाना जाता है। यह इलाका पंजाबी बहुल है। प्रह्लाद नगर की सीमा इस्लामाबाद, पिल्लोखड़ी, श्यामनगर, गोलाकुआं समेत अन्य मोहल्लों से मिलती है। इसी वजह से इसको बेहद संवेदनशील माना जाता है।
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पलायन - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की टीम जब प्रह्लाद नगर पहुंची तो यहां पर कई घरों पर ताले तो कहीं पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखा हुआ था। रिपोर्टर ने स्थानीय करीब 20 लोगों से बातचीत की। जिन्होंने एक ही बात बताई कि यहां का माहौल अब रहने लायक नहीं रहा। लोग अपने घर बेचकर दूसरी जगह पर जा रहे हैं। शाम को ऐसा माहौल हो जाता है कि बहू बेटी घर से नहीं निकल सकती। युवक बाइक से हवाई फायरिंग करके भाग जाते हैं। 
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कई बार उठा मुद्दा 
भाजपा पार्षद जितेंद्र पाहवा का कहना है कि प्रह्लाद नगर सोसाइटी की मीटिंग में इस समस्या को उठाया। विधायक और पुलिस-प्रशासन को भी बताया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं स्थानीय निवासी भावेश मेहता ने नमो एप पर इसकी शिकायत की तो सीएम ऑफिस से इसकी रिपोर्ट तलब की गई। पार्षद के अनुसार शिकायत में 125 परिवारों द्वारा यहां से जाने की बात कही गई।

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पलायन - फोटो : अमर उजाला
हर शाम मोहल्ले में रहता है अराजकता का माहौल
प्रह्लाद नगर निवासी महिलाओं से रिपोर्टर ने बातचीत की। जिसमें महिलाओं ने बताया कि शाम को मानो यहां अराजकता जैसा माहौल हो जाता है। छेड़खानी और फायरिंग की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। पुलिस भी मौके पर आती है। लेकिन किसी आरोपी पर मजबूत कार्रवाई नहीं करती। यहां कई बार फायरिंग या छेड़खानी करते आरोपी पकड़े गए। 
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पलायन - फोटो : अमर उजाला
बोले स्थानीय लोग, अपराधियों को नहीं पुलिस का डर
आमोद वेद का कहना कि प्रह्लाद नगर एक छोटा सा मोहल्ला है। जोकि चारों तरफ से दूसरे समुदाय के लोगों से घिरा है। इसके विपरीत यहां पर शराब और भांग का ठेका बन गया है। जहां पर असामाजिक तत्व नशा करते हैं और फिर प्रह्लाद नगर में अराजकता करते हैं। दो महीने पहले सरेआम एक युवक पर फायरिंग हुई। उसके बाद पांच-छह दिन पहले फायरिंग हुई। जोकि सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए। गुंडागर्दी बहुत है। 

अंशु कहती हैं कि प्रह्लाद नगर में कोई भी आ जाता है। कोई टोकने वाला नहीं है। सामने शराब का ठेका है, जहां पर युवक बैठते हैं। कई लोग घर बेचकर जा रहे हैं। हमारे घर के पीछे वाली गली मानों खाली हो गई है। लोगों में दहशत है। कुछ लोगों ने आर्थिक स्थिति के चलते भी मकान बेचे हैं, उनको दूसरे समुदाय के लोग खरीद रहे हैं। 
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जग्गी का कहना कि प्रह्लाद नगर में मकान बिक रहे हैं। कुछ गुंडागर्दी और कुछ बदमाशी है। असामाजिक तत्व लोगों को परेशान करते हैं। रोजाना स्थिति बद से बदतर हो रही है। लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते है। लोग घर छोड़कर जा रहे हैं।

पूर्व पार्षद इंद्रजीत कथूरिया का कहना कि प्रह्लाद नगर में एक रिफ्यूजी कॉलोनी है, जोकि 1950 से बसी है। प्रह्लाद नगर के आसपास दूसरे समुदाय के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। छेड़छाड़, स्टंटबाजी होने की कई बार प्रशासन से शिकायत की। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते लोग यहां से घर छोड़कर जा रहे हैं। 20 साल पहले यहां पर सात-आठ सौ परिवार रहते थे। अब केवल 400 परिवार रह गए हैं। प्रह्लाद नगर की तीन गलियां खाली हो चुकी हैं। 
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प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार है। किसी में हिम्मत नहीं है कि उसके खौफ से कोई यहां से घर छोड़कर जाए। प्रह्लाद नगर के कुछ लोग मुझसे मिले थे। उन्होंने गेट लगाने की मांग की है। इस संबंध में डीएम-एडीएम से बात हो चुकी है। सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएंगे। असामाजिक तत्वों को प्रह्लाद नगर में अंदर नहीं आने दिया जाएगा। -सोमेंद्र तोमर, विधायक दक्षिण विधानसभा  

यह मामला मेरे संज्ञान में आया था। प्रह्लाद नगर में गेट लगवाने को लेकर विवाद है। इसको लेकर एसएसपी और डीएम से बातचीत की जाएगी। लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। असामाजिक तत्वों को हावी नहीं होने दिया जाएगा। -प्रशांत कुमार, एडीजी जोन 
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