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प्रह्लाद नगर प्रकरण पर पंचम तल ने लिया संज्ञान तो दौड़े अफसर, पलायन नहीं ये थीं घर छोड़ने की वजह

Sat, 29 Jun 2019 12:03 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी गुरुवार को प्रह्लाद नगर पहुंचे। असामाजिक तत्वों के चलते कई परिवारों के घर छोड़कर जाने को लेकर वस्तुस्थिति जानने के लिए दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। कमिश्नर और एडीजी जोन ने वार्ता के बाद कहा कि यह पलायन का मामला नहीं है। लोगों की अपनी समस्याएं हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। 

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प्रह्लाद नगर समिति के अध्यक्ष सुनील चड्ढा और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि प्रह्लाद नगर का इलाका गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। लोग वहां से घर छोड़कर जाने को मजबूर हैं। महिलाओं से छेड़खानी और फायरिंग होने की घटना रोजमर्रा हो रही हैं। प्रह्लाद नगर के चारों ओर अल्पसंख्यक बहुल मोहल्ले हैं। आपराधिक प्रवृति के लोगों ने प्रह्लाद नगर में रहने वाले लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

यह समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने इस मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लिया। गुरुवार को कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम, एडीजी जोन प्रशांत कुमार, डीएम अनिल ढींगरा व एसएसपी नितिन तिवारी ने प्रह्लाद नगर पहुंचकर दोनों समुदायों के लोगों से बात कर हालात जाने। 

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प्रह्लाद नगर समिति के अध्यक्ष सुनील चड्ढा ने कहा कि प्रह्लाद नगर अब रहने लायक नहीं रहा। यहां रोजाना गुंडागर्दी होती है, जिसके चलते लोग घर बेचकर जा रहे हैं। इतना कहकर सुनील आला अधिकारियों के सामने रो पड़े। वहीं, दूसरे समुदाय के रहीस उर्फ रहीसुद्दीन कुरैशी ने कहा कि यहां पलायन करने की कोई बात नहीं है। लोगों ने अपनी मर्जी से घर बेचे हैं। यहां सौहार्द की भावना है।

दोनों समुदायों के लोगों की बातें सुनकर अधिकारी लिसाड़ी गेट थाने पहुंचे। जहां पर दोनों समुदाय के लोगों को बुलाकर अलग से बातचीत की। आला अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने प्रह्लाद नगर में अराजकता होना बताया है। ट्रैफिक की समस्या, छेड़छाड़, फायरिंग होने की बात कहीं है। इसको देखते प्रह्लाद नगर और इस्लामाबाद के बीच पुलिस पिकेट लगा दी है। 

पंचम तल ने लिया संज्ञान तो दौड़े अफसर
प्रकरण की गूंज पंचम तल (सीएम दफ्तर) तक पहुंची, तो वहां से संज्ञान लेने पर आला अफसर प्रह्लाद नगर पहुंच गए। गुरुवार को कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम हापुड़ पिलखुवा प्राधिकरण की बैठक लेने हापुड़ गईं थीं जबकि एडीजी सहित अन्य पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी सरकारी कार्यों में व्यस्त थे। प्रह्लाद नगर प्रकरण समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद डीएम व एसएसपी के निर्देश पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी जांच करने प्रह्लाद नगर पहुंचे थे।

प्रह्लाद नगर में जानकारी लेते एडीजी व अन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
ये अधिकारी अभी जानकारी कर रहे थे कि डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी भी वहां  पहुंच गए। कुछ देर बाद ही कमिश्नर बैठक बीच में छोड़कर हापुड़ से पहुंचीं तो पीछे-पीछे एडीजी प्रशांत कुमार भी पहुंच गए। 

सूत्रों के अनुसार इन आला अधिकारियों का प्रह्लाद नगर पहुंचना पंचम तल से पूरे मामले पर संज्ञान लिया जाना रहा। पंचम तल से मंडलायुक्त और एडीजी से पूरे मामले पर तत्काल रिपोर्ट तलब की गई तो  सभी अधिकारी तत्परता से प्रह्लाद नगर पहुंचे। इसके बाद पूरे प्रकरण की गहनता से जानकारी ली और रिपोर्ट शासन को भेजी गई। जिसमें बताया गया कि पलायन जैसा कोई मामला नहीं है। 

आला अधिकारी दोपहर 12:50 बजे पहले लिसाड़ी गेट थाने पहुंचे। यहां अधीनस्थों से जानकारी लेने के बाद करीब 30 मिनट तक बैठक की। इसके बाद करीब 1:30 बजे जायजा लेने पैदल ही प्रह्लाद नगर पहुंचे। यहां करीब 20 मिनट दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर थाने लौटे।

ये बोले स्थानीय निवासी
-प्रह्लाद नगर में घटनाएं बढ़ रहीं हैं। 900 से घटकर 450 परिवार रह गए हैं। महिलाएं और बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। -विनोद जग्गी
-मोहल्ले में छेड़छाड़ और लूट आदि घटनाएं ज्यादातर मंदिरों के पास ही हुईं। मार्ग खुला होने के कारण अपराधी बेखौफ निकल जाते हैं। -इंद्रजीत कथूरिया
-पुश्तैनी मकानों में रह रहे ज्यादातर लोगों ने अपने घर सुरक्षा की दृष्टि से छोड़ दिए हैं। प्रह्लाद नगर मेें  आए दिन छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। इसे रोका जाना चाहिए। -जितेंद्र पाहवा

हम भी लगाएंगे गेट
-अगर प्रह्लादनगर मुख्य मार्ग पर गेट लगाया गया तो पिल्लोखड़ी रोड, लिसाड़ी गेट मार्ग और गोलाकुंआ पर भी गेट लगेंगे। गेट लगना समस्या का समाधान नहीं है। - रहीसुद्दीन कुरैशी, महमूद नगर
-सभी समाज के लोगों को एक दूसरे की समस्या को समझना होगा। गेट लगने से जाम की समस्या बढ़ जाएगी। गेट लगाना अनुचित है। - अली मोहम्मद, प्रह्लाद नगर 
-कुछ लोग अफवाह उड़ाकर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे है।  यहां लोग शांति से रहते हैं। - मो. फहीम

 
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पलायन - फोटो : अमर उजाला
आमने-सामने
सुनील चड्ढा      रहीसुद्दीन कुरैशी 
लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रोजाना कोई न कोई यहां से घर खाली करके जाने की बात 
कहता है। 
ऐसा बिल्कुल नहीं है। कोई आपसी विवाद नहीं है। सौहार्द बना हुआ है।
 
धार्मिक स्थलों में रोजाना ही कार्यक्रम होते हैं। लेकिन यहां गुंडागर्दी का माहौल है। इसलिए लोग जा रहे हैं। कुछ बाहरी असामाजिक तत्व यहां आते हैं। जिन पर शिकंजा कसना जरूरी है। लोग अपनी मर्जी से मकान बेच रहे हैं, जबरदस्ती नहीं हो रही है। 
सुरक्षा के लिए गेट लगने चाहिए, कई बार पुलिस-प्रशासन को बताया गया लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।  यह मामला सिर्फ ट्रैफिक और गेट लगाने का है। सड़क पर जाम लगता है तो लोग यहां से निकलने लगे थे। लेकिन गेट लगने से और ज्यादा परेशानी आएगी। 
रहीसुद्दीन गलत कह रहे हैं। मेन सड़क पर ट्रैफिक चले, गली मोहल्ले में क्यों वाहन आएंगे। 
 
अगर गेट प्रह्लाद नगर में लगेगा तो कई जगहों पर लगाने होंगे। 

कुछ लोगों की समस्याएं थीं, पुलिस पिकेट लगा दी है
मामला पलायन का नहीं। कुछ लोगों की समस्याएं थीं। यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर आयुक्त से बात की है। कुछ स्थानों पर बैरियर लगेंगे। पुलिस की अस्थायी पिकेट लगा दी है। नितिन तिवारी, एसएसपी

समिति गठित, देगी रिपोर्ट
प्रह्लाद नगर में पलायन नहीं गेट लगाने का मामला है। स्थानीय लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। एक समुदाय ने प्रह्लाद नगर में स्टंटबाजी, छेड़खानी, फायरिंग और ट्रैफिक की समस्या होने की शिकायत की है। फिलहाल पुलिस पिकेट लगा दी। प्रह्लाद नगर में सुरक्षा की दृष्टि से गेट भी लगाने की बात सामने आई। इसको लेकर सीओ कोतवाली और एडीएम सिटी के नेतृत्व में समिति गठित की गई। जोकि स्थिति की सही रिपोर्ट देगी। - प्रशांत कुमार, एडीजी जोन  

कोई अराजकता   नहीं होगी
स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया गया। सभी बेफिक्र रहें। कोई अराजकता नहीं होगी। किसी को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी हमारी है। -अनीता सी. मेश्राम, कमिश्नर
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