मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ऊर्जा भवन में मेरठ मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उनके प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों की सतत निगरानी करें और जनता की भावनाओं के अनुरूप योजनाओं को साकार करने में भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता के अनुरूप पर्यटन के कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए।
जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद किया जाए। मुख्यमंत्री ने एक-एक करके विधायकों से उनके क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी से संबंधित विकास कार्यों के प्रस्तावों की समीक्षा की और उनकी प्राथमिकता पूछकर कार्य कराने के निर्देश दिए। मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की मेरठ मंडल 5435.47 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पर बैठक में विचार हुआ। इसमें मेरठ जिले की कार्ययोजना 1776.57 करोड़ रुपये की है। मेरठ जिले में अकेले मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र की विकास योजनाएं 1036.9 करोड़ रुपये की है।
इसमें 873 करोड़ रुपये लागत के फ्लाईओवर के आठ कार्य, 77 करोड़ रुपये के आरवाई (एमडीआर-ओडीआर) कार्य, 50 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी, 24 करोड़ रुपये से आरवाई (एसएच), सात करोड़ से इंटरकनेक्टिविटी, चार करोड़ रुपये से लघु सेतु, एक करोड़ रुपये से रोड सेफ्टी के कार्य के प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रमुख कार्यों में बेगमपुल से विक्टोरिया पार्क तक आबू नाले के ऊपर विश्वविद्यालय मार्ग तक एवं जेल चुंगी चौराहे को लिंक करते हुए दो लेन एलिवेटिड रोड का निर्माण शामिल है।
माल रोड पर टैंक चौराहा क्रॉस करते हुए दो लेन उपरिगामी सेतु का निर्माण, बच्चा पार्क से दिल्ली रोड को जोड़ने के लिए जली कोठी चौराहे तक नाले के ऊपर दो लेन एलिवेटिड रोड का निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। जेल चुंगी चौराहे पर विश्वविद्यालय मार्ग पर तीन लेन का उपरिगामी सेतु का निर्माण, कमिश्नरी चौराहे पर सर्किट हाउस-मवाना मार्ग पर चार लेन फ्लाईओवर का निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल है। कैंट विधायक ने बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर बने 100 वर्ष से अधिक पुराने मंदिरों का विकास करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों के विकास कार्यों के प्रस्ताव भी विधायकों से लेने के निर्देश दिए। इन प्रस्तावों में कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए पूरा कराया जाएगा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि जो भी काम स्वीकृत होंगे, उनका लोकार्पण व शिलान्यास भी विधायकों से कराया जाएगा। बोर्ड पर विधायकों के नाम भी लिखे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ विकास पथ पर है और इस क्षेत्र का विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखें। किसी भी प्रस्ताव करने से पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मार्गदर्शन अवश्य लें। जनप्रतिनिधि भी अपने क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों की सतत निगरानी करें।
सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को न्यू टाउनशिप का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल शताब्दी नगर रखने के लिए पत्र लिखा था। इस समय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी चल रही है। मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार करते हुए न्यू टाउनशिप का नाम अटल शताब्दीनगर रख दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, फायरिंग सेंटर, रिंग रोड के लिए रुपये जारी करने, एयरपोर्ट, सेंट्रल मार्किट आदि मामले रखें। मुख्यमंत्री ने इन पर विचार का आश्वासन दिया।