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Meerut News: साइबर ठग की कॉल काटकर तत्काल डिजिटल अरेस्टिंग से पाएं छुटकारा

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मेरठ। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में सोमवार को काइट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षु आईपीएस बजरंग प्रसाद यादव ने कहा कि भारत में डिजिटल अरेस्ट का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। अगर कोई साइबर ठग खुद को अधिकारी बताकर आपको कॉल करे तो आप तुरंत डिजिटल अरेस्ट से छुटकारा पा सकते हैं।
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आईपीएस बजरंग प्रसाद यादव ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और यातायात नियमों के संबंध में जानकारी दी और उन्हें इनसे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि पहले अपराध पारंपरिक तरीके से होते थे। इसमें अपराधी खुद शामिल होता था लेकिन अब 4डी अपराध का युग आ गया है। मोबाइल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए अपराध हो रहे हैं। इनमें अपराधी का चेहरा या पहचान आसानी से पता नहीं चल पाती।
बताया कि एआई की मदद से अपराधी आपकी या आपके परिवारजनों की आवाज की नकल (वॉइस क्लोनिंग) करके ठगी कर रहे हैं। कई बार राशन, डीएल, क्रेडिट कार्ड, लोन आदि के लिए हमारे पास मैसेज आते हैं। हमने कोई आवेदन नहीं किया तब भी हमारे पास ऐसे मैसेज या ईमेल आ सकते हैं। शादी का कार्ड व्हाट्सएप पर मिलता है। यह मैसेज भेजने वाला अंजान है तब भी हम इन मैसेज और पीडीएफ फाइल को क्लिक कर खोल लेते हैं। इनमेें एपीके फाइल होती हैं। इनकी मदद से साइबर ठग हमारे मोबाइल को क्लोन कर लेते हैं। मोबाइल की हर गतिविधि पर नजर रखकर हमें ठगी आदि का शिकार बना सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने साइबर ठगी से बचने के कई उपाय बताए और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी। इस अवसर पर संस्था के निर्देशक डॉ. आकाश चाबाक, डॉ. संजय कौशिक, डॉ. विनीत मलिक, राफिया, राजेंद्र कुमार, काजल, प्रियंका, मोनिका, कनिका, आरती आदि मौजूद रहे।
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साइबर ठगों से ऐसे बचें
किसी भी वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर लॉगिन या डेटा डालने से पहले केवल सरकारी वेबसाइट का ही उपयोग करें।
ज्यादातर वेबसाइटें और ऐप्स आपका व्यक्तिगत डेटा चुराते हैं, जो साइबर अपराध का सबसे बड़ा कारण बनता है।
अंजान नंबर से आए कॉल या ईमेल पर कभी भरोसा न करें।
साइबर ठगी के मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 कॉल करें।
साइबर बुलिंग से बचें और हर ईमेल को संदेह की नजर से देखें।




विद्यार्थियों के सवाल और आईपीएस बजरंग प्रसाद के जवाब
- साइबर ठगी की कितनी देर में हमें पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए : रमनीत कौर
उत्तर- जितना जल्दी हो सके पुलिस को सूचना देकर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। देर करेंगे तो साइबर ठग कोे बचने का समय मिल सकता है।
- कुछ समय पहले मेरी फेसबुक आईडी हैक हो गई थी और दूसरे लोगों के पास लगतार मैसेज किए जा रहे थे। ऐसे में क्या करें : अरविंद कुमार
उत्तर- सबसे पहले आप दूसरों को बता दें कि आपकी आईडी हैक हो गई है। आप अपनी आईडी को डिएक्टिवेट कर डिलीट कर दें और रिपोर्ट दर्ज कराएं।
- पुलिस साइबर क्राइम का खुलासा कैसे करती है: आदित्य झा
उत्तर- जितना जल्दी आप रिपोर्ट दर्ज कराएंगे उतना जल्दी हम उन्हें पकड़ने के लिए कार्यवाही शुरू करेंगे।
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