साजिश के अनुसार धर्मेंद्र और रजनीश 27 मई 2016 को गौतम को यहां कृष्णापुरी से चाचा जगपाल के घर से बुलाकर बाइक से अपने साथ जंधेड़ी जाटान ले गए। वहां बस द्वारा सूरज उर्फ भोंदू भी आ गया। तीन दिन तक सब जंधेड़ी जाटान में ही रुके। 30 मई 2016 की रात पहले चारों ने शराब की। मौका देखकर उक्त तीनों ने गौतम की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को वहीं एक बिटौड़े में रखकर फूंक दिया। इसके बाद सभी अपने घर चले गए। गौतम की हत्या करने के बाद उन्होंने वैदिक हसन को फोन कर बताया कि उन्होंने उसके पिता की हत्या का बदला ले लिया है।
चांद की हत्या में जेल में बंद है रजनीश
सीओ सिटी हरीश भदौरिया ने बताया कि हत्यारोपी रजनीश ने शहर कोतवाली क्षेत्र के चांद का भी अपहरण के बाद मर्डर किया था। इस मामले में पुलिस ने उसे गत वर्ष गिरफ्तार कर जेल भेजा था, तभी से वह जेल में बंद है। हत्या का षड्यंत्र रचने वाले की तलाश की जा रही है।
खतौली पुलिस मर्डर में लगा चुकी है एफआर
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव जंधेड़ी जाटान में पौने दो वर्ष पहले यह हत्या हुई थी। 30 मई 2016 की रात को ग्रामीणों ने जंगल में रखे बिटौड़े में आग लगी देखी थी। सुबह ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो राख में मानव अस्थि पड़ी मिली। सूचना पर खतौली पुलिस ने मौके पर जाकर अस्थियों को कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक जांच कराई थी, तब पुलिस ने अज्ञात में हत्या का मामला दर्ज किया था, मगर न तो मृतक का पता चला और न ही हत्यारों का। थक-हारकर पुलिस ने हत्या के इस मामले में एफआर लगा दी थी।
अस्थियों की डीएनए जांच कराई जाएगी
यह भी इत्तेफाक है कि जब जंधेड़ी जाटान में गौतम का मर्डर हुआ था, तो खतौली कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार शर्मा थे, जो तब मर्डर का खुलासा नहीं कर सके। अब वे शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हैं, अब जाकर उन्होंने इस मर्डर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बिटौड़े की राख से बरामद अस्थियां खतौली कोतवाली में रखी हैं। अब मर्डर मिस्ट्री का खुलासा हो गया है। शव की पहचान हो चुकी है और हत्यारोपी पकड़े जा चुके हैं। अस्थियों की डीएनए जांच भी कराई जाएंगी।
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