संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों में गैस की किल्लत के कारण मिड डे मील व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। रसोई गैस की उपलब्धता कम होने से विद्यालयों को सिलिंडर जुटाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। आरोप है कि कॉमर्शियल सिलिंडर लेने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि घरेलू सिलिंडर ब्लैक में महंगे दामों पर मिल रहा है।
गांव भराला स्थित प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज शशि कौशिक ने बताया कि मिड डे मील बनाने के लिए उन्हें 1350 रुपये में घरेलू सिलिंडर खरीदना पड़ा। सामान्य स्थिति में सिलिंडर आसानी से उपलब्ध हो जाता था, लेकिन इन दिनों बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में विद्यालयों में भोजन बनाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि यदि समय पर गैस उपलब्ध नहीं होती है तो बच्चों के लिए मिड डे मील बनाना प्रभावित हो सकता है। क्षेत्र के अन्य विद्यालयों की स्थिति भी लगभग यही बनी हुई है। कई स्कूलों के रसोइयों को बाजार से महंगे दामों पर सिलिंडर खरीदने पड़ रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि गैस की किल्लत के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही जा रही है। फिलहाल समस्या का समाधान न होने से मिड डे मील व्यवस्था पर संकट के हालात बने हुए हैं। यदि यही हालात रहे तो चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ सकती है। उसमें भी ईंधन जुटाना परेशानी का सबब बन सकता है। हालांकि, नगर के विद्यालयों में एनजीओ के माध्यम से खाना आ रहा है। यहां फिलहाल कोई समस्या नहीं है।