बिल्वेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर भगवान शिवशंकर को चढ़ने वाला दूध न नालियों में बहा, न जमीन के भीतर छोड़ा गया। भगवान पर चढ़े दूध को एकत्र कर उसे गरीबों में प्रसाद रूप में बांटा गया। शहर के चार युवाओं की छोटी सी कोशिश ने 40 लीटर से अधिक दूध को आस्था के नाम पर बर्बाद होने से बचा लिया।
इंजीनियरिंग के चार छात्र करन गोयल, निशांत सिंघल, अंकित चौधरी व हर्ष के बनाए हुए सेटअप की मदद से शहर के प्रमुख बिल्वेश्वर महादेव मंदिर सदर में भक्ति के नाम पर दूध की बर्बादी रोकी गई। बुधवार को महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में कलश के स्टैंड के साथ फूडप्रोसेस पाइप को अटैच करके बर्तन में दूध एकत्र किया गया। मंदिर समिति व पुजारी के सहयोग से यह प्रयास सफल रहा। भक्तों ने दूध शिवलिंग के बजाय सीधे कलश में डाला। कलश में चढ़ा दूध पाइप की मदद से एक बाल्टी व भगोने में एकत्र किया गया। बाद में इस दूध को पराग डेयरी क ी टीम ने शुद्धता स्तर पर जांचा। जांच में शुद्ध मिलने पर यह दूध प्रसाद के रूप में भक्तों व गरीबों को बांटा गया।
पहले साकेत शिव मंदिर में होना था यह प्रयास
दूध की बर्बादी रोकने के लिए यह प्रयास पहले साकेत स्थित शिवमंदिर में होना तय हुआ था। अचानक किन्हीं कारणों से युवाओं को अपना सेटअप साकेत शिवमंदिर से हटाना पड़ा। इन युवाओं ने बिल्वेश्वर महादेव मंदिर समिति से वार्ता कर वहां अपना सेटअप लगाया। मंदिर समिति के सहयोग से प्रयास सफल हुआ। इस शिवरात्रि शिवलिंग पर चढ़ने वाला दूध गरीबों के कंठ तक पहुंचा।
भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने उमड़ा भक्तों का सैलाब
महाशिवरात्रि पर जहां सभी शिवालय बम-बम भोले के उद्घोष से गूंजे वहीं पूरा शहर शिवमय हो गया। मंदिरों में भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और आरती उतारी गई। जलाभिषेक के लिए मंगलवार मध्य रात्रि से ही शिव भक्तों की लाइनें लगनी शुरू हो गयी थी। सुबह चार बजे मंदिरों के कपाट खुले तो कांवड़ियां और अन्य शिव भक्त प्रभु के जयकारे लगाते हुए शिवलिंग को गंगाजल से नहलाने लगे। मंदिर घंटे और घटियालों से गूंज उठे।
काली पलटन स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर में उमड़ी शिव भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने में जहां पुलिस लगी वहीं सिविल डिफेंस और मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली। मंदिर समिति की तरफ से जलभिषेक के लिए लोटों की व्यवस्था की गयी। मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीधर त्रिपाठी का कहना है कि त्रयोदशी और महाशिवरात्रि पर लगभग दो लाख शिव भक्तों ने मंदिर में जलाभिषेक किया ह्रै।
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ने किया जलाभिषेक
मेरठ। महाशिवरात्रि के अवसर पर बुढ़ाना गेट स्थित सनातन धर्म पर धर्मेश्वर महादेव मंदिर में जहां सुबह पांच बजे से शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मंदिर में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। इसके साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया।
मंदिर में शिव भक्तों की लंबी लाइन लगी। बम बम भोले के उद्घोष से मंदिर गूंजता रहा। जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। इस अवसर पर भगवान का भोग लगने के बाद व्रत फलाहार का प्रसाद वितरित किया गया। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया है। यह प्राचीन मंदिर है। जीर्णोद्घार के अंतर्गत सौंदर्यीकरण के लिए 15 मार्च से तीसरा चरण प्रारंभ होगा, जो 18 अप्रैल अक्षया तृतीया को संपन्न होगा। कार्यक्रम में मनोज खद्दर अखिलेश शास्त्री, दीपक शर्मा, संजीव प्रधान, नरेश गुप्ता, अनिल यादव, कुलदीप, विकास मित्तल, नरेंद्र उपाध्याय आदि कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
सीसीटीवी में कैद हुए सभी शिवभक्त
बाबा औघड़नाथ मंदिर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर सीसीटीवी कैमरे की नजर रही। मंदिर की छत पर बनाए गए सीसीटीवी के कंट्रोल रूम से सभी पर निगाह रखी गई। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी मंदिर में बनाए गए कंट्रोल रूम से जोड़ा गया।
शिवरात्रि पर शिव विवाह का भव्य आयोजन
मेरठ। इंदिरानगर ब्रह्मपुरी स्थित शिव दुर्गा मंदिर में शिवरात्रि पर शिव विवाह का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक सुभाष जोशी ने भगवान शंकर की पूजा कर रूद्राभिषेक किया। पंडित मुकेश पैन्युली स्वामी जी ने भक्तों को संबोधित करते हुए बताया कि इस दिन माता पार्वती का विवाह भगवान शंकर से हुआ था। चंद्रमोहन वार्ष्णेय, नानक चंद्र शर्मा, आर वी शर्मा, सुनील मित्तल, राजेंद्र पचौरी, जितेंद्र चौधरी, अजय गर्ग, सुभाष, विकास चौधरी, ओमप्रकाश शर्मा व गौरव वर्मा अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। वहीं मोदीपुरम महाशिवरात्रि के पर्व पर मोदीपुरम क्षेत्र के मंदिरों में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया और मनौती मांगी। मंदिरों पर सुबह से ही भीड़ लगी रही। मोदीपुरम के प्रसिद्ध देव मंदिर, हनुमान मंदिर, संकटमोचन मंदिर, बाबा मोहन राम मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। शिव भक्तों ने जलाभिषेक कर मनौती मांगी। बाबा मोहनराम मंदिर समिति के संस्थापक महंत महेंद्र नाथ का कहना है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों के कष्ट दूर होते है।