गणपति बप्पा मोरया.. अगले बरस तू जल्दी आ। आदि भजनों के साथ शहर के कई इलाकों में गणपति विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों की धुन पर श्रद्धालु एक दूसरे को गुलाल लगाकर नृत्य कर रहे थे। सरधना नहर और ब्रजघाट पर मूर्ति विसर्जित की गई।
शहर सर्राफा से गणपति विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सबसे आगे बैंडबाजे और उसके पीछे महाराष्ट्र के कलाकार प्रभु की वेशभूषा में नृत्य और नाटिका प्रस्तुत कर रहे थे। रथों पर मनमोहक झांकियां सजी थीं। शोभायात्रा में शामिल सभी भक्त अबीर गुलाल से सरोबार रहे। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से महानगर गूंज उठा। इसके अलावा ब्रह्मपुरी में शास्त्री की कोठी सहित कई स्थानों से भी शोभायात्रा निकाली गई।
उधर सैन्य क्षेत्र से सैनिकों ने गणपति विसर्जन यात्रा निकाली। सैनिक ढोल नगाड़े बजाते हुए गणपति मूर्ति को विसर्जन के लिए सरधना में गंगनहर पर ले गए। इस दौरान वीर कुमार, धर्मेंद्र शर्मा, आदित्यनाथ राठौर, ओम निवास आदि मौजूद रहे।