अनिल दुजाना एनकाउंटर, Anil Dujana Encounter
- फोटो : अमर उजाला
अनिल दुजाना वेस्ट यूपी में खौफ का पर्याय बना हुआ था। उस पर लूट डकैती हत्या समेत तकरीबन मुकदमे दर्ज थे। मेरठ में एसटीएफ के एसपी बृजेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने उसे गंगनहर पर लोकेशन मिलने के बाद घेर लिया, अनिल दुजाना ने एसटीएफ की टीम पर फायरिंग की, जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।
वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना के पिछले दिनों जेल से बाहर आने की सूचना मिलने के बाद कई दिन से मेरठ एसटीएफ और वेस्ट यूपी की पुलिस उस की तलाश में जुटी हुई थी।
कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना पिछले काफी समय से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था, लेकिन कुछ समय पहले वह जमानत पर बाहर आ गया। बताया जाता है कि इसकी जानकारी मॉनिटरिंग सेल के द्वारा पुलिस को भेजी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसमें संज्ञान नहीं लिया।
जेल से बाहर आते ही देने लगा था हत्या की धमकी, हाल में दर्ज हुए थे दो मुकदमे
जेल से बाहर आते ही अनिल दुजाना ने जयचंद प्रधान मर्डर केस में उसकी पत्नी और गवाह संगीता को धमकी दी। जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए अनिल दुजाना के खिलाफ पिछले सप्ताह में 2 मुकदमे दर्ज किए।
गुरुवार दोपहर को मेरठ एसटीएफ की टीम को अनिल दुजाना के गंग नहर पर होने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी करने के बाद अनिल दुजाना को भोला की झाल पर मुठभेड़ में मार गिराया।
मुजफ्फरनगर में छपार के खाद व्यापारी राजीव त्यागी की हत्या के मामले में कुख्यात अनिल दुजाना को आरोपी बनाया गया था। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है और 11 मई को सुनवाई होनी है।
छपार के खाद व्यापारी राजीव गर्ग अपने भाई संजीव त्यागी की हत्या के मामले में गवाह थे। साल 2013 में राजीव त्यागी की हत्या कर दी गई थी। वारदात में अनिल दुजाना और जोगेंद्र जुगाला समेत कई आरोपियों को नामजद किया गया था।
वर्ष 2000 से पूर्व अनिल दुजाना, सुन्दर भाटी के लिए अवैध सरिया का कारोबार का कार्य करता था तथा अवैध सरिया कारोबार से हुयी कमाई का कुछ हिस्सा सुन्दर माटी को देता था। अनिल दुजाना कुख्यात किस्म का अपराधी नही था इसलिए अपराध जगत में अपना वर्चस्व बढाने के लिए इसने सुन्दर माटी के नाम का सहारा लिया और धीरे-धीरे अपराध कारित करके अपना नाम को विख्यात करता रहा, लेकिन कुछ समय पश्चात अनिल दुजाना एवं सुन्दर भाटी के मध्य अवैध सरिये के कारोबार को लेकर अनबन हो गई।
इसके बाद अनिल दुजाना, सुन्दर भाटी से अलग हो गया तथा धीरे-धीरे अनिल दुजाना का झुकाव रणदीप भाटी गैंग की तरफ हो गया। प्रारम्भ में अनिल दुजाना शौकिया तौर पर नरेश भाटी गैंग के साथ रहने लगा था और इसी गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर धीरे धीरे लूटपाट करना एवं धनाढ्य व व्यापारी वर्ग के लोगों से रंगदारी वसूलने का काम करने लगा था। अपराध में सक्रिय होने पर यह अपने साथियों के साथ भाड़े पर या सुपारी लेकर हत्या भी करने लगा था ।
जानकारी के अनुसार मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में अपने साथियों से मिलने अनिल दुजाना स्कॉर्पियो कार से आया था। इस दौरान भोला झाल के पास एसटीएफ ने अनिल दुजाना को घेर लिया। दोनों तरफ से चली गोलियों में अनिल दुजाना घायल हो गया। पांचली स्थित सीएचसी पर अनिल को उपचार के लिए ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।