- भीकुंड पुल के संपर्क मार्ग और बस्तौरा-नारंग में कटान पर निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर अचानक तेजी से वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के तराई वाले गांवों के जंगलों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, भीकुंड पुल के पास पांडव टीले की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर भी दोबारा खतरा मंडराने लगा है।
रविवार शाम 6:00 बजे बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास के अनुसार हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज का गेज 292.90 मीटर और डिस्चार्ज 1,56,755 क्यूसेक दर्ज किया गया। बिजनौर बैराज का गेज 219.00 मीटर और डिस्चार्ज 1,47,989 क्यूसेक रहा। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए सिंचाई विभाग और प्रशासन की ओर से खादर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। पिछले दिनों की अपेक्षा रविवार को गंगा के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। इससे दूधली खादर, भीकुंड, बस्तौरा और मखदूमपुर क्षेत्र के जंगलों में पानी भरने की स्थिति बन रही है। सबसे अधिक खतरा बस्तौरा-नारंग गांव के सामने गंगा के कटान से था।
हालांकि सिंचाई विभाग की ओर से यहां जीओ ट्यूब और परक्यूपाइन लगाए जाने के बाद कटान में काफी कमी आई है। जिस स्थान पर गंगा तेजी से कटान कर रही थी, वहां अब रेत जमा होने से कटान की दिशा बदल गई है। इससे गांव की ओर होने वाला कटान फिलहाल रुक गया है।
रविवार को तहसीलदार मवाना निरंकार सिंह ने बस्तौरा गांव के सामने गंगा कटान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जीओ ट्यूब लगाए जाने से काफी राहत मिली है। कटान अब दूसरी ओर हो गया है। प्रशासन जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।