नेशनल हाइवे-119 की बदहाली अब लोगों के जी का जंजाल बन चुकी है। इस मार्ग पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी इसकी मरम्मत या दोबारा निर्माण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलम ये है कि गंगानगर से लेकर मसूरी के बीच हाइवे एक्सीडेंट जोन में तब्दील हो गया है। हालांकि इस हाइवे का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित है।
एनएच-119 मेरठ-पौड़ी हाइवे के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों की माने तो यह नाममात्र के लिए हाइवे है। सड़क के गड्ढे हाइवे के हालात बयां करने के लिए काफी हैं। गंगानगर से मसूरी तक सड़क वाहनों के चलते काबिल नहीं बची है। इस कारण रजपुरा, सलारपुर, बहचौला फार्म, सैनी पुल, सैनी पेट्रोल पंप, इंचौली-मसूरी के बीच अक्सर वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं।
तीन दिन पहले बस पलटी
तीन दिन पहले सैनी पुल पर गड्ढे को बचाने के चक्कर में प्राइवेट बस बाइक सवारों को टक्कर मारते हुए पलट गई। उसके बाद बस में आग लग गई। बस में सवार 15 यात्रियों को किसी तरह बचाया गया। करीब पांच माह पूर्व अम्हेड़ा गांव के गेट के सामने देर रात मवाना से लौट रही बारातियों से भरी बस की गड्ढों के कारण कमानी टूट गई। बस डिवाइडर से टकराते हुए पलट गई। हादसे में करीब दो दर्जन बाराती घायल हुए थे। वहीं सलारपुर में भी बस की कमानी टूटने से वह पेड़ से टकरा गई। बस की गति धीमी होने के कारण बड़ा हादसा नहीं हुआ। तीन माह पूर्व भगत लाइन के पास बाइक सवार ने गड्ढे से खुद को बचाया, तभी पीछे चल रही जेपी एकेडमी की बस बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई थी। बस में सवार करीब 16 छात्र-छात्राओं को शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया था।