जिला पंचायत द्वारा क्षेत्र के मखदूमपुर गंगा घाट पर जिला पंचायत द्वारा कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले का आयोजन कराया गया था। पांच दिवसीय मेले में सोमवार को लाखों लोगों ने गंगा किनारे पर पहुंचकर स्नान किया और अपने पूर्वजों की शांति के लिए दीप दान और पिंडदान के साथ-साथ मुंडन संस्कार भी किया था। मेला स्थल पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए थे। वहीं मंगलवार की सुबह को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान का सिलसिला रात 12 बजे ही शुरू हो गया जो लगातार जारी है।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों लोगों ने मान्यता के चलते गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। स्नान करने के बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर वापस लौटने लगे वही गंगा की रेती में बसी तंबुओं की नगरी एक बार फिर वीरान सी चमकने लगी पिछले तीन दिनों से गंगा के किनारे रंग बिरंगी लाइट और लाखों श्रद्धालुओं से सराबोर हो रहा मेला फीका पड़ता नजर आने लगा।
यह भी पढ़ें: Farmani Naaz: सरिया लूटता था यूट्यूब सिंगर फरमानी नाज का भाई, पिता और जीजा के साथ मिलकर अंजाम देता था वारदात
वहीं हस्तिनापुर के पौराणिक प्राचीन बूढ़ी गंगा किनारे पर कार्तिक पूर्णिमा मेले का आयोजन किया गया है। यह आयोजन नगर पंचायत के माध्यम से किया जाता है यहां पर स्थानीय किसान और दूरदराज से लाखों श्रद्धालु मेला स्थल पर अपने परिवारों के साथ पहुंचे हैं दूरदराज से पहुंचे लोगों ने पूरी गंगा किनारे पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए भी प्रदान किया और उसके बाद मेले में जमकर खरीदारी की मेले में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है।
तीन दिवसीय मेले के दूसरे दिन लाखों श्रद्धालु मेला स्थल पर पहुंचे हैं वही दुकानदार पिछले 3 दिनों पहले ही यहां पर पहुंच चुके थे। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वही यह मेला हस्तिनापुर से गंगापुल चांदपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर आयोजित किया जा रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही से जाम जैसी स्थिति बन रही है पुलिस ने कहीं रूट को डायवर्ट कर दिया है। जिससे वाहन चालकों को जाम जैसे हालातों से न जूझना पड़े।