हस्तिनापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासनिक अधिकारियों ने किया फतेहपुर प्रेम गंगा किनारे का निरीक्षण
हस्तिनापुर। पिछले चार दिनों से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। गंगा में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को फतेहपुर प्रेम गंगा किनारे पहुंचकर यहां खेती करने वाले लोगों को बाहर निकलने की चेतावनी दी। लेखपालों को निर्देश दिए कि सभी को समय रहते अलर्ट किया जाए।
शुक्रवार को एडीएम प्रशासन मदन गार्वियल, उपजिलाधिकारी कमलेश गोयल, तहसीलदार अजय उपाध्याय, थाना प्रभारी अशोक सिंह, सिंचाई विभाग के एसडीओ पीके जैन सहित अन्य अधिकारी खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गंगा घाट पर पहुंचे। उन्होंने गंगा में प्लेज लगाकर खेती करने वाले किसानों को चेतावनी दी कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इसलिए सभी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इसके लिए लेखपालों की टीम लगाई गई और गंगा किनारे और प्लेज में जाकर अनाउंसमेंट कराया गया। लोगों को जागरूक किया गया, जिसके सभी अपना सामान बांध कर सुरक्षित स्थानों पर निकलने की तैयारी करने लगे।
सिंचाई विभाग के एसडीओ पीके जैन ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से 80 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। जो शुक्रवार शाम तक बिजनौर बैराज पर पहुंच गया है। फतेहपुर प्रेम गंगा घाट पर भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी है।
निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
प्रशासनिक अधिकारियों ने फतेहपुर प्रेम गांव के समीप चल रहे गंगा तटबंध बनाने के कार्य को बरसाती मौसम के आने और गंगा में अत्यधिक जलस्तर बढ़ने से पूर्व ही पूरा करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के एसडीओ पीके जैन ने बताया कि फतेहपुर प्रेम स्थित तटबंध का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हंसापुर परसापुर परियोजना पर पत्थर लगाने का कार्य शुरू हो गया है, जिसे समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। एडीएम प्रशासन ने कार्य में तेजी लाने और जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
86 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि हरिद्वार भीमगोड़ा बैराज पर शुक्रवार शाम छह बजे 58 हजार पानी का डिस्चार्ज चल रहा था। वहीं, बिजनौर बैराज से 86 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
कर्फ्यू और जलस्तर बढ़ने से परेशानी
किसान विनोद, ऋषिपाल, समीर, शहजाद आदि ने बताया कि पहले कर्फ्यू के कारण तरबूज, खरबूजा की फसल को मंदी की मार झेलनी पड़ी। उसके बाद गंगा में बारिश के कारण बढ़े जलस्तर ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है।
भीमकुंड गंगा घाट पहुंची फ्लड कंपनी
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए तथा क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित बचाने लिए बाढ़ राहत दल की मांग की गई थी। शुक्रवार लगभग 3 बजे क्षेत्र के भीमकुंड गंगा घाट पर बाढ़ राहत दल की एक कंपनी नाव व मोटरबोट व उपकरणों सहित गंगा घाट पर पहुंचकर तैयारियों में जुट गई।