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गंगा मेला: भैंसा-बोगी पर नहीं रहेगी रोक, परंपरागत तरीके से जाएंगे श्रद्धालु, मंत्री ने अधिकारियों को लिखा पत्र

Sat, 29 Oct 2022 12:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

लंपी बीमारी के कारण मेले में गधे, घोड़े, खच्चर, गाय को प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन के इस निर्णय के बाद श्रद्धालुओं में निराशा छा गई। वहीं मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से इस संबंध में बात की है। उन्होंने कहा कि लंपी बीमारी गोवंश में है जबकि भैंसवंशीय पशुओं में नहीं है।
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गंगा मेला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा मेले में लंपी बीमारी की आशंका के चलते पशुओं के आने पर रोक के बाद किसान मायूस हुए तो केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने संज्ञान लिया। उन्होंने डीएम हापुड़ और कमिश्नर से बात कर कहा कि लंपी बीमारी अभी तक किसी भी भैंस के वंश में नहीं पाई गई है।

 

ऐसे में लोगों की आस्था एवं पुरानी संस्कृति को देखते हुए भैंसा-बुग्गी पर प्रतिबंध न लगाएं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनकी कमिश्नर मेरठ, डीएम मेरठ और डीएम हापुड़ से बात हो गई है। किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। लोग परंपरागत तरीके से भैंसा-बुग्गी से मेले में जाएं। 

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बृहस्पतिवार को डीएम हापुड़ की तरफ से जारी पत्र में कहा गया था कि गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा मेले में बड़ी संख्या में लोग पशुओं के साथ आते हैं। पशु पालन विभाग की तरफ से एक जगह इतने पशुओं के एकत्र होने से लंपी बीमारी से ग्रस्त पशु के संपर्क में आने से दूसरे पशु भी बीमार हो सकते हैं। इसे देखते हुए पशुओं को मेले से प्रतिबंध कर दिया गया था। मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भैंसा-बुग्गी से मेले में जाते हैं। ऐसे में वह इस निर्णय से मायूस थे। 

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केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से की बात
शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. बालियान ने पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, कमिश्नर मेरठ सेल्वा कुमारी जे और डीएम हापुड़ से बात की। उन्होंने कहा कि पौराणिक एवं धार्मिक मेले में बड़ी संख्या में आसपास के जिलों से श्रद्धालु भैंसा बुग्गी से आते हैं।

लंपी बीमारी के कारण मेले में गधे, घोड़े, खच्चर, गाय को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने कहा कि वह यह स्पष्ट बताना चाहते हैं कि लंपी बीमारी गोवंश में है। अभी तक किसी भी राज्य से भैंस वंश में यह बीमारी नहीं पाई गई है। सभी गांवों में गोवंशों को लंपी स्किन बीमारी के लिए वैक्सीन दे दी गई है। ऐसे में मेले में भैंस वंश को प्रतिबंधित न किया जाए। 

भाजपा नेताओं ने की डीएम-कमिश्नर से वार्ता
भाजपा के जिलाध्यक्ष विमल शर्मा, को-ऑपरेटिव सोसाइटी के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह ने कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि किसान हर बार परंपरागत तरीके से मेले में जाते हैं, ऐसे में इस पर कोई रोक नहीं लगाई जाए। कमिश्नर ने कहा कि एहितयात के तौर पर गाइड लाइन जारी की गई है, कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इस दौरान मदनपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह मौजूद रहे।
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