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पुण्य कमाकर मैली कर गए गंगा  

Tue, 15 Nov 2016 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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मखदूमपुर घाट पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को मखदूमपुर गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ डुबकी लगाई। हर ओर उत्साह का माहौल नजर आया। पुण्य कमाकर श्रद्धालु घर लौट गए, लेकिन गंगा घाट पर गंदगी के अंबार छोड़ गए। अब वहां सफाई करने वाला कोई नहीं है। रविवार रात करीब 12 बजे से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया था।
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कार्तिक मास की पूर्णिमा पर आयोजित मुख्य गंगा स्नान के लिए जिला पंचायत द्वारा मखदूमपुर गंगा घाट पर मेले का आयोजन किया गया। उद्घाटन 10 नवंबर को डीएम बी. चंद्रकला और जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने किया था। इसके साथ ही गंगा घाट पर श्रद्धालु भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर पहुंचने लगे थे। रविवार को पूरे दिन मेले में जाने वालों का तांता लगा रहा। रविवार रात 12 बजते ही कार्तिक पूर्णिमा का स्नान शुरू हो गया। श्रद्धालु जय गंगा मैय्या और हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ घाट पर उमड़ पडे़ और स्नान शुरू कर दिया। कुछ श्रद्धालु रात में ही तंबू आदि समेटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा भैंसा-बुग्गियों में सवार होकर घरों को लौटने लगे। सोमवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। इस बार डीएम और एसएसपी मेले में नहीं पहुंचे। मखदूमपुर मेले में प्रतिवर्ष डीएम और एसएसपी उद्घाटन के बाद जायजा लेने जाते थे। 

जिला पंचायत के दावे हवाई
मखदूमपुर मेले में जिला पंचायत द्वारा किए सफाई के दावे हवाई साबित हुए। सोमवार सुबह गंगा घाटों पर चारों ओर पॉलिथीन और कूड़ा फैला हुआ था। उसे साफ करने वाला कोई नहीं था। स्नान करने आए लोग अपील करने के बावजूद, गंगा को गंदा करके चलते बने।
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सिक्कों की तलाश में जुटे रहे बच्चे
लाखों लोग कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर डुबकी लगाकर गंगा मां का आशीर्वाद लेते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में गरीब बच्चे गंगा घाट पर मौजूद रहे। वे गंगा नहाने के बजाय कुछ रुपये का प्रबंध करने में जुटे थे। ये फूल, प्रसाद, जल के लिए केन आदि बेच रहे थे। वहीं, कई बच्चे ऐसे भी थे जो गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए सिक्कों को चुंबक के माध्यम से तलाश रहे थे।  
जमकर हुआ खनन 
गंगा मेले में आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के साथ ही रेत खनन किया। प्रदेश सरकार द्वारा नदियों और नहरों से खनन प्रतिबंधित करने के बावजूद लोग नहीं चूके। गंगा मेले में आए श्रद्धालुओं ने प्रतिबंध को दरकिनार कर जमकर खनन किया। इस समय बाजार में रेत की ट्रॉली 7 से 8 हजार रुपये की मिल रही है। रेत से लदी भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली देखकर भी पुलिसकर्मी अनजान बने रहे। 
 
नोट बंदी का असर रहा 
सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट बंद कर दिए जाने का असर मखदूमपुर गंगा मेले में भी दिखाई दिया। मुजफ्फरनगर से आए फास्ट फूड विक्रेता नरेश का कहना है कि छोटा नोट नहीं होने से उसे घाटे का सामना करना पड़ा। उसकी बिक्री महज आधी रही। अन्य दुकानदारों का भी यही हाल रहा। 

बूढ़ी गंगा पर स्नान के बाद दीपदान किया
हस्तिनापुर में बूढ़ी गंगा पर कार्तिक पूर्णिमा मेला समापन हो गया। यहां दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना की। पितरों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान एवं पिंडदान किए। अमृत कूप पर एकत्र होकर स्नान किया। मान्यता है कि इस कूप पर महाभारत काल में एक राजा ने स्नान किया था, जिससे उसका कोढ़ दूर हो गया था। इस आस्था के साथ लोग वहां स्नान करते हैं। परीक्षितगढ़ के खरखाली गांधी गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। रविवार आधी रात बाद ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। 

बच्चों ने मनाई पिकनिक
मेला स्थल पर बच्चों ने जमकर मस्ती की। परिजनों के साथ कुछ बच्चों ने पिकनिक मनाई। यहां वॉलीबाल और फुटबाल खेली। कुछ बच्चे तो पानी में भी बाल से खेलते नजर आये।

मनचलों की जमकर धुनाई 
थानाध्यक्ष ओपी सिंह मेले में सुरक्षा की व्यवस्था में व्यस्त रहे। पुलिस एवं पीएसी के जवानों ने मेले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। यहां कई मनचलों की धुनाई भी की। श्रद्धालु गुल्लू प्रधान, रामकुमार गुर्जर, विशाल प्रजापति, कपिल गुप्ता, अनमोल कोरी, जीत सिंह गुर्जर, अशोक त्यागी, विजय शर्मा, संदीप सोनी मौजूद रहे।
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