गंगा का जलस्तर बढ़ जाने के कारण दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग बंद कर दिया गया। मुजफ्फरनगर से बिजनौर और उत्तराखंड जाने वाली बसों को मीरापुर बाईपास पर रोक दिया गया। भारी वाहन भी यहां रोक गए। वाहनों की लंबी कतार लग गई। दिनभर लोगों ने परेशानी झेली। मेरठ और हरिद्वार से होते हुए लोग गंतव्य तक पहुंचे।
मीरापुर व बिजनौर में बाढ़ का खतरा, जनजीवन प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
बैराज पर गंगा खतरे के निशान को पार कर 220.20 मीटर पर बह रही है। पौड़ी मार्ग पानी में डूब जाने से बृहस्पतिवार को वाहनों का संचालन बंद करा दिया गया। मुजफ्फरनगर डिपो से रोजाना 35 बसें बिजनौर, उत्तराखंड और बरेली-मुरादाबाद तक संचालित की जाती हैं। बृहस्पतिवार को बसों का संचालन मीरापुर बाईपास तक ही किया गया। यात्रियों को मुसीबत उठानी पड़ी। यात्रियों ने कईं-कईं किमी मीटर पैदल सफर किया। वाहनों का आवागमन शुरू होने की प्रतीक्षा में भी यात्री कई घंटे बैठे रहे, लेकिन बात नहीं बनी।
मीरापुर व बिजनौर में बाढ़ का खतरा, जनजीवन प्रभावित
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परिवहन विभाग ने इस तरह बनाई व्यवस्था
वरिष्ठ केंद्र प्रभारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि बिजनौर जाने वाली बसों का संचालन मीरापुर बाईपास तक किया गया है। हरियाणा के पानीपत और करनाल से उत्तराखंड के टनकपुर, काठगोदाम, हल्द्वानी जाने वाली बसों को हरिद्वार से भेजा गया। लखनऊ, मुरादाबाद, बरेली और अन्य जगह जाने वाली बसों को वाया मेरठ संचालित किया गया है।
मीरापुर व बिजनौर में बाढ़ का खतरा, जनजीवन प्रभावित
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खतरा बढ़ा, रामराज खादर में टूटा तटबंध
गांव शाहपुुर तक कई गांवों के सामने बने हुए तटबंध के ऊपर से पानी उतरने लगा। ग्रामीणों ने मिट्टी व लकड़ी डालकर तटबंध की मरम्मत की। खेड़ा मुजाहिदपुर में तटबंध टूट गया और बाढ़ के पानी ने यहां आसपास के जंगल में फसलों को जलमग्न कर दिया। जानसठ सीओ यतेंद्र सिंह नागर एसडीएम जयेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जीवनपुरी, रामपुर ठकरा में ग्रामीणों को घरों में पहुंच गया है। बाढ़ आने से ग्रामीणों को रहने, खाने-पीने के साथ साथ पशुओं के लिए चारा की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी प्राथमिक विद्यालय में भरने के बाद विद्यालय बंद रहा। ग्रामीण खाना बनाने का सामान भी छत पर लेकर पहुंच गए। संवाद
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घरों तक पहुंच गया सोलानी का पानी
खादर क्षेत्र में भारी बारिश होने व उत्तराखंड से बार बार पानी छोड़े जाने से सोलानी नदी उफनाई हुई है। पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों व घरों तक पहुंच गया है। गांव शेरपुर नगला, रामनगर व रजगल्लापुर गांवों में कईं घरों में पहुंच जाने से घरों में रखा सामान भी भीग जाने से खराब हो गया। राजू प्रजापति, साधु राम, याद राम प्रजापति, परमाल सिंह, डॉ. गुलशन कुमार, रामधन, छोटेलाल, ओमपाल, इंद्रपाल, श्याम सिंह ने कहा कि खादर क्षेत्र में गांवों तक पानी पहुंच गया है। संवाद
मीरापुर व बिजनौर में बाढ़ का खतरा, जनजीवन प्रभावित
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तीन गांव तक पहुंचा पानी, बढ़ी परेशानी
सोलानी नदी का पानी क्षेत्र के मजलिसपुर तौफीर, महाराजनगर, सिताबपुरी तक पहुंच गया है। खैरनगर में भी खेतों तक पानी पहुंचा है। एसडीएम जानसठ जयेंद्र सिंह ने बताया कि लोगों को अलर्ट किया गया है। एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है।