संकल्प रघुवंशी/संदीप वर्मा
मेरठ/यमुना सिटी। मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा के निवासियों के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचना आसान होने वाला है। तेज और आरामदायक यात्रा के लिए गंगा एक्सप्रेसवे से यमुना एक्सप्रेसवे तक 120 मीटर चौड़े लिंक एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट पूरा हो गया है। जल्द ही मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईईडा) ने सर्वे पूरा कर लिया है। इधर, गंगा एक्सप्रेसवे पर भी जल्द ट्रायल रन शुरू होने वाला है।
लिंक एक्सप्रेसवे के लिए किसानों से बातचीत के आधार पर सीधे भूमि खरीद के लिए जल्द ही मुआवजे की दर तय कर दी जाएगी। मुआवजा दर तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नोएडा हवाई अड्डे को प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ने की कवायद में गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे को बनाने की तैयारी है। लिंक एक्सप्रेसवे 74.3 किमी का होगा। इसकी लागत करीब 4000 करोड़ रुपये आंकी गई है। बुलंदशहर के स्याना से शुरू होकर यमुना सिटी के फिल्म सिटी के नजदीक 120 मीटर रोड तक इस लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। लिंक एक्सप्रेसवे को के लिए यूपीईईडा की ओर से एलाइनमेंट और ली जाने वाली भूमि का सर्वे पूरा कर लिया गया है।
लिंक एक्सप्रेसवे करीब 56 गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा, जिसमें गौतमबुद्धनगर के 8 गांव और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। सर्वे के बाद बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के किसानों से सहमति के आधार पर सीधे भूमि खरीद की प्रक्रिया अपनाई जानी है। इसके लिए यूपीईईडा की ओर से अब मुआवजे की दर का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही दर तय कर यमुना प्राधिकरण के नियमों के अनुसार मुआवजा प्रक्रिया अपनाई जाएगी और मुआवजा बांटा जाना है। इसके बाद लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होगा। पूरी परियोजना के लिए यूपी सरकार ने करीब 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
पांच प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा लिंक एक्सप्रेसवे
लिंक एक्सप्रेसवे पांच प्रमुख हाईवे और इंटरचेंज से जुड़ेगा। ऐसे में मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा, स्याना जैसे क्षेत्रों से नोएडा एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। मेरठ, बुलंदशहर और आसपास के जिलों के लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने में समय और दूरी की बचत होगी।
मेरठ में 22 किमी है गंगा एक्सप्रेसवे का दायरा
बिजौली से प्रयागराज तक बन रहे 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का काम बेहद तेजी से चल रहा है। माना जा रहा है कि अगले महीने तक इस पर ट्रायल रन शुरू कर जल्द ही लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। मेरठ में 22 किमी. में गंगा एक्सप्रेस-वे का दायरा है। इस पर काम पूरा हो चुका है। वहीं अमरोहा जनपद की हसनपुर तहसील क्षेत्र में 23.60 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क बनकर तैयार हो गई है। 12 अक्टूबर निर्माण की अंतिम तिथि है। इससे पहले ही प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइटिंग का कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 12 चरणों में ही किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 36,400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अभी यह छह लेन का एक्सप्रेस वे है। लेकिन बाद में इसे आठ लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा। 594 किमी. लंबा एक्सप्रेस-वे 12 जिलों के 516 गांवों से होकर गुजरेगा। मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बिजौली गांव से शुरू होकर यह एनएच-19 पर जुदापुर दादू गांव में पास तक होगा। गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ के बाद हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदाई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होता हुआ प्रयागराज पर खत्म होगा।
कोट
गंगा एक्सप्रेसवे से यमुना सिटी के 120 मीटर रोड तक लिंक एक्सप्रेसवे जुड़ेगा। यहां से सीधे नोएडा हवाई अड्डे तक वाहन पहुंच सकेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे होते हुए लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये कई शहरों को एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। - राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण