गणेश भगवान
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आचार्य रोहित वशिष्ठ ने बताया कि श्री गणेश उत्सव की विशेषता है कि जितने हर्षोल्लास के साथ श्री गणेश जी की स्थापना होती है, उससे भी अधिक हर्षोल्लास के साथ श्री गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। बिना गणपति विसर्जन के यह पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है। माना जाता है कि पूजा के दौरन भगवान गणेश को प्रत्येक दिन गणेश जी की प्रिय वस्तुओं उनकी पूजा करनी चाहिए और अलग अलग खाद्य वस्तुओं से भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में वर्ष भर आनंद, सुख, संपत्ति, वैभव की प्राप्ति होती है।