एसटीएफ ने शुक्रवार रात ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के शिव शक्ति नगर के एक मकान में छापा मार आईपीएल मैच में लाखों की सट्टेबाजी का भंडाफोड़ किया है। मौके से तीन लोगों को पकड़ा गया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और अन्य चीजें बरामद हुई हैं। एसटीएफ का मानना है कि ये लोग अब तक आईपीएल में 30-40 लाख रुपये का खेल कर चुके हैं।
एसटीएफ सीओ अनित कुमार और इंस्पेक्टर विनोद काकड़ा ने बताया कि दिल्ली रोड पर बहादुर मोटर के सामने शिव शक्ति नगर के एक मकान में आईपीएल मैच में सट्टेबाजी की सूचना मिली थी। टीम ने मकान की रैकी कर वहां की गतिविधियां चेक की तो सूचना सही मिली। शुक्रवार रात 10 बजे एसटीएफ टीम ने सुमित जैन के मकान में छापा डाला। मकान की दूसरी मंजिल के एसी रूम में चल रहा आईपीएल सट्टा पकड़ा गया। ये लोग मुंबई इंडियन और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच चल रहे आईपीएल मैच में सट्टा लगा रहे थे।
मौके से सुमित जैन उर्फ जूली जैन के अलावा इंद्रा नगर निवासी विजय उर्फ मिंटू और सरस्वती लोक निवासी मनीष उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 19 मोबाइल फोन ,एक नेट सिस्टम से कनेक्ट हैंड फोन ( बॉक्स) एक लैपटॉप ,केलकुलेटर ,रजिस्टर के अलावा 35 हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं। एसटीएफ ने इनसे पूछताछ की तों जूली ने बताया कि इस मैच में 17-19 का रेट था। इंस्पेक्टर ने बताया कि ये लोग अपने हैंड फोन बॉक्स के माध्यम से ही पार्टियों से बात कर दांव लगवाते हैं। पता चला है कि ये लोग अब तक आईपीएल में 30-40 लाख रुपये का धंधा कर चुके हैं इसकी पुष्टि की जा रही है ।तीनों से पूछताछ चल रह थी। एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
सराफ से सट्टेबाज बना सुमित
मेरठ। एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि इस सट्टा गैंग का सरगना सुमित उर्फ जूली है जो जबकि विजय और मनीष सुमित के साथ वेतन पर काम करते हैं। ये दोनों लेपटॉप पर काम करने और लिखा पढ़ी आदि करते है। सुमित पहले सराफा कारोबार करता था । इसका सराफा बाजार में खुद का काम था लेकिन उसने ये काम छोड़कर सट्टेबाजी शुरू कर दी। ये पहले भी इस आरोप में पकड़ा जा चुका है।
दूसरे थाने की पुलिस साथ ली
मेरठ। एसटीएफ ने रेड डालने से पहले टीपी नगर थाना पुलिस को साथ लिया। जबकि घटना स्थल ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र में पड़ता है। इसे लेकर कई चर्चा है। बताया जाता है कि गोपनीयता के कारण दूसरे थाने की पुलिस ली गई हालांकि इंस्पेक्टर एसटीएफ ने बताया कि उन्हें लगा कि घटना स्थल टीपी नगर में पड़ता है इस कारण टीपी नगर थाने की पुलिस को साथ लिया।