पूर्व विधायक ने निजी कॉलेज की मान्यता लेने के लिए डिग्री कॉलेज से फर्नीचर उठवाकर अपने कॉलेज में भिजवा दिया। इस दौरान एक सामाजिक संस्था ने इसका विरोध दर्ज करा रास्ते में ही गाड़ी को रोक लिया, लेकिन पुलिस ने जांच करने के बजाए दबाव में फर्नीचर छोड़ दिया। बाद में फर्नीचर को निजी कॉलेज में ही रखवा दिया गया।
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सरकारी स्कूल का फर्नीचर ले जाते
सपा के पूर्व विधायक और फैज ए आम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गुलाम मोहम्मद का लोहिया नगर में एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट है। इस कॉलेज में बीटीसी की मान्यता लेने के लिए पत्रावली शासन में चल रही है। अलखिदमत फाउंडेशन के अध्यक्ष तनसीर अहमद का कहना है कि उक्त मान्यता प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग की एक टीम का पैनल सोमवार को निरीक्षण करने लोहियानगर स्थित इंस्टीट्यूट आ रहा है। लेकिन अभी तक इस इंस्टीट्यूट में फर्नीचर भी नहीं है।
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पूछताछ करती पुलिस
पैनल के सामने अपनी तैयारी पूरी दिखाने के लिए पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद ने फैज ए आम डिग्री कॉलेज का फर्नीचर, जिसमें सौ से ज्यादा पैड हैंडल वाली कुर्सियां है, उन्हें एक मेटाडोर में भरवाकर लोहियानगर के लिए रवाना कर दिया। इस बीच इसकी सूचना स्वयं सेवी संस्था अलखिदमत फाउंडेशन को मिल गई। जिस पर तनसीर अहमद और उनके साथियों ने फर्नीचर भरी मेटाडोर को कमेला पुलिस चौकी पर रोक लिया और पुलिस को सूचना दी।
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पूछताछ करते दरोगा
पुलिस ने फर्नीचर भरी गाड़ी, उसके चालक और उसमें बैठे मजदूरों को रोक लिया और पूछताछ की। गाड़ी पकडे़ जाने की सूचना पर पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद एसएसपी आवास पहुंचे और उनसे मिले। पूर्व विधायक ने कहा कि यह फर्नीचर उनके कॉलेज का है और मरम्मत के लिए जा रहा है।
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पकड़े गए युवक
इस पूरे मामले में अलखिदमत फाउंडेशन के अध्यक्ष ने तमाम अधिकारियों को फोन मिलाए और वास्तविकता बताई। तनसीर अहमद ने कहा कि गुलाम मोहम्मद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य है, जबकि फर्नीचर डिग्री कॉलेज का है। इसके अलावा यदि मरम्मत भी होनी है तो नियमानुसार उसका टेंडर आदि होता है और ठेकेदार खुद फर्नीचर लेकर जाता है या कालेज में मरम्मत कराता है। लेकिन उनकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और फर्नीचर छोड़ दिया। इसके बाद यह फर्नीचर लोहियानगर कॉलेज में शिफ्ट हो गया।