रामा फ्लोर मिल से एफएसडीए ने नमूने भरे
मेरठ। सदर स्थित रामाफ्लोर मिल में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) टीम ने गेहूं और मैदा के नमूने एकत्र कर सील किए। गोपनीय तरीके से तीन घंटे चली कार्रवाई के दौरान मिल मालिक ने मुख्य द्वार बंद रखा।
राशन एजेंसी का गेहूं पहुंचने की शिकायत पर बृहस्पतिवार को फ्लोर मिल में खाद्य आपूर्ति विभाग और आरटीओ ने जांच की थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे एफएसडीए की टीम पहुंची। खाद्य सुरक्षा अधिकारी परमवीर सिंह ने स्टॉक के साथ आटा, मैदा और सूजी की बारियों को खुलवाकर जांच की। दोपहर करीब एक बजे टीम सैंपल लेकर लौट गई। रामा फ्लोर मिल पर कुछ साल पहले भी कई विभागों ने छापा मारकर कार्रवाई की थी। मिल मालिक अभिषेक ने कहा कि सभी जांचों में एजेंसियों ने क्लीन चिट दी है। अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि रामा फ्लोर मिल से सैंपल एकत्र किए गए हैं। मिल में खराब गेहूं से आटा और मैदा तैयार किया जा रहा है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
फ्लोर मिलों में घटतौली का भी खेल
फ्लोर मिलें मुनाफा कमाने के लिए घटतौली भी कर रही हैं। व्यापारियों के अनुसार, कुछ फ्लोर मिलों की पैकिंग में 50 किलो की बोरी में 49 से 49.5 किलो आटा ही मिलता है। 50 किलो की एक बोरी की कीमत 1,050 रुपये है। ऐसे में मिल मालिक सिर्फ आटे में हर माह 1.57 लाख तक बचाते हैं।
विधिक माप विज्ञान के सीनियर इंस्पेक्टर आरके विक्रम ने कहा कि विभाग समय समय पर घटतौली की जांच करता है। आटा, मैदा, सूजी की बोरियों की घटतौली के संबंध में अगले हफ्ते से जांच अभियान शुरू किया जाएगा।