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अदालत से: पूर्व प्रधान की हत्या में पिता-पुत्रों समेत पांच को आजीवन कारावास, रंजिश में की थी वारदात

Tue, 01 Jul 2025 12:29 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

पुरानी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर में जानसठ के अहरोड़ा गांव की चर्चित रंजिश में पूर्व प्रधान मांगेराम की हत्या के मामले में पिता-पुत्रों समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-छह की पीठासीन अधिकारी रेखा सिंह ने फैसला सुनाया।

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पूर्व प्रधान 15 जुलाई 2021 की सुबह बाइक पर सवार होकर अपने खेत में गया था। हमलावरों ने गोली मारकर हत्या की और इसके बाद शव को पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया था। मृतक के बेटे युद्धवीर सिंह ने गांव के ही विजयपाल, उसके बेटे अंकुर, नीशू उर्फ अजीत, भतीजे गोविंदा और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में ढांसरी गांव के सौरभ का नाम प्रकाश में आया। पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

 

प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-छह में हुई। सोमवार को आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने हत्या में दोषियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 201 में पांच साल कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 

 

इस तरह अंजाम दी गई थी हत्या
पूर्व प्रधान मांगेराम बाइक पर सवार होकर खेत में गया था। इस दौरान हमलावरों ने दो गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद बोतल में लाया गया पेट्रोल छिड़कर पूर्व प्रधान के शरीर में आग लगा दी गई थी। 
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इस तरह शुरू हुई थी रंजिश
अहरोड़ा गांव निवासी यूपी पुलिस में एसआई रहे जबर सिंह के तीन बेटे विजयपाल, अजयपाल और बिल्लू गांव में खेती करते थे। कहासुनी की रंजिश में करीब 33 साल पहले बिल्लू की हत्या कर दी गई थी। हत्या में पूर्व प्रधान मांगेराम और उसका साथी मांगा नामजद किया गया। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। जेल से बाहर आते ही मांगा की गांव में ही हत्या कर दी गई। कुछ साल बाद पूर्व प्रधान मांगेराम और विजयपाल पक्ष के बीच सामाजिक समझौता हो गया था। मगर 15 जुलाई 2021 को पूर्व प्रधान की हत्या कर दी गई।
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