हस्तिनापुर के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान गोष्टी में शामिल किसान स्रोत संवाद
- प्राकृतिक और जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारने और आय बढ़ाने के लिए जागरुक किया। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), नई दिल्ली के विज्ञान संभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान गोष्ठी में 195 किसानों ने भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र ने स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक डॉ. जेके आर्य ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और प्रमुख तकनीकों की जानकारी दी। शस्य विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ. शुभम आर्य ने जैविक खेती में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और टिकाऊ फसल उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. अंचल दास ने मृदा स्वास्थ्य और वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन के महत्व को समझाया।
शस्य विज्ञान संभाग के अध्यक्ष एवं परियोजना समन्वयक डॉ. एसएस राठौर ने किण्वित जैविक खाद आधारित पोषक तत्व प्रबंधन पर जानकारी दी। उन्होंने जैविक और रासायनिक पोषक स्रोतों के संतुलित एवं आवश्यकता आधारित उपयोग पर जोर दिया। संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. आरएन पाण्डेय ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच निरंतर संवाद मजबूत करने की आवश्यकता बताई। गोष्ठी में प्रश्नोत्तरी और संवाद सत्र भी हुआ। किसानों ने कृषि संबंधी समस्याएं रखकर वैज्ञानिकों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया। एक प्रगतिशील किसान ने अपने सफल कृषि अनुभव साझा किए।