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होमगार्डों की ड्यूटी को लेकर मेरठ में भी ‘खेल’, रजिस्टर में हाजिरी, मौके पर गैरहाजिर महिलाकर्मी

Sat, 23 Nov 2019 02:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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home gaurd - फोटो : अमर उजाला
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होमगार्डों की ड्यूटी घोटाले की आंच मेरठ भी पहुंच सकती है। ड्यूटी का ऑनलाइन डाटा हटाकर अब रजिस्टरों में ड्यूटी लगाने का खेल चल रहा है। जेल, सीसीएस यूनिवर्सिटी, नारी निकेतन और कस्तूरबा स्कूलों में महिला होमगार्डों की ड्यूटी लगती है। इसमें से 60 फीसदी महिला गायब रहती हैं और रजिस्टर में हाजिरी पूरी हो जाती है। 

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योगी सरकार ने मेरठ डिवीजनल कमांडेंट धर्मदेव मौर्य को शुक्रवार निलंबित कर दिया। हालांकि उन्हें नोएडा में होमगार्ड कार्यालय में आग लगने के मामले में निलंबित किया गया है। इसके बाद से मेरठ में भी होमगार्डों की ड्यूटी में खेल होने बात सामने आ रही है। कई होमगार्डों ने इसकी पोल खोली है। मेरठ में दो हजार से ज्यादा होमगार्ड बताए गए हैं, इसमें 80 महिला होमगार्ड हैं। 

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बताया गया कि होमगार्डों की ड्यूटी के हिसाब से महीने में वेतन मिलता है। ड्यूटी का मैसेज सुबह होमगार्डों के मोबाइल पर आता था, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते ऑनलाइन प्रक्रिया बंद की गई। अब रजिस्टरों में ड्यूटी अंकित हो रही है। होमगार्ड ड्यूटी पर हैं या गैरहाजिर हैं, इसको लेकर संबंधित विभाग जांच नहीं करता है। 

हालात यह हैं कि होमगार्ड अधिकारियों के यहां भी लगे हैं, जहां पर सेटिंग से उनको पैसा मिलता है। ड्यूटी करें या न करें, बस महीने में पैसा उनके अकाउंट में पहुंच जाता है। इसको लेकर ड्यूटी करने वाले होमगार्डों ने कई बार आपत्ति की। उनकी सुनवाई की बजाए उनकी ड्यूटी काट दी गई। इसके चलते सब खामोश हैं।
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