बताया गया कि होमगार्डों की ड्यूटी के हिसाब से महीने में वेतन मिलता है। ड्यूटी का मैसेज सुबह होमगार्डों के मोबाइल पर आता था, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते ऑनलाइन प्रक्रिया बंद की गई। अब रजिस्टरों में ड्यूटी अंकित हो रही है। होमगार्ड ड्यूटी पर हैं या गैरहाजिर हैं, इसको लेकर संबंधित विभाग जांच नहीं करता है।
हालात यह हैं कि होमगार्ड अधिकारियों के यहां भी लगे हैं, जहां पर सेटिंग से उनको पैसा मिलता है। ड्यूटी करें या न करें, बस महीने में पैसा उनके अकाउंट में पहुंच जाता है। इसको लेकर ड्यूटी करने वाले होमगार्डों ने कई बार आपत्ति की। उनकी सुनवाई की बजाए उनकी ड्यूटी काट दी गई। इसके चलते सब खामोश हैं।