मेरठ। सरकारी नाले की भूमि को अपना बताकर 45 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए सुशांत सिटी निवासी कपिल शर्मा ने अंसल ग्रुप के वाइस चेयरमैन प्रणव अंसल समेत छह आरोपियों के खिलाफ परतापुर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
सुशांत सिटी निवासी कपिल शर्मा ने एसपी सिटी से शिकायत की थी। इसमें बताया था कि 29 जुलाई 2022 को उन्होंने सुशांत सिटी सेक्टर-3 में एक प्लॉट का सौदा अंसल ग्रुप के वाइस चेयरमैन प्रणव अंसल, सीएफओ प्रशांत कुमार, लीगल एडवाइजर अमित शुक्ला, जीएम अजयपाल शर्मा, लैंड मैनेजर विनय तिवारी और सिग्नेचरी ऑथरिटी एफएन राय से 99 लाख रुपये में किया था। एडवांस 45 लाख रुपये उन्होंने और उनके पिता महेश चंद शर्मा ने इन लोगों को विभिन्न तारीखों पर आरटीजीएस के माध्यम से दिए थे।
इसकी रसीद भी उनके पास है। शेष रकम 54 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय चेक और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से देनी तय हुई थी। सौदा करते समय आरोपियों ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि यह प्लॉट उनकी संपत्ति है। इस पर कोई लोन भी नहीं है। इस प्लॉट की रजिस्ट्री 6 माह के अंदर नहीं हुई तो इसके बदले दूसरी संपत्ति इसके आसपास दे देंगे। कंपनी के सिग्नेचरी ऑथरिटी एफएन राय ने यह सब बातें सभी आरोपियों की सहमति और अनुमति से लिखकर दी थी।
अलॉटमेंट लेटर दिया रजिस्ट्री नहीं की
19 अक्तूबर 2022 को कपिल की मां बीना शर्मा के नाम से एक अलॉटमेंट लेटर तैयार करके दिया। बाद में प्लॉट कपिल शर्मा के नाम ट्रांसफर किया। आरोप है कि कई बार कहने के बावजूद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं की। कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहे। पीड़ित को बाद में पता चला कि जो प्लॉट उन्हें बेचा गया वह सरकारी संपत्ति है। कागजों में सरकारी नाला दर्ज है। यह संपत्ति आरोपियों ने जबरन कब्जा रखी है। पीड़ित ने इस संबंध में आरोपियों से बात की तो उन्होंने कहा कि इस बात का जिक्र कहीं मत करना।
कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
जल्द ही तुम्हारे नाम दूसरे प्लॉट की रजिस्ट्री कर देंगे। 13 नवंबर 2024 को ये सभी आरोपी सुशांत सिटी स्थित कंपनी के ऑफिस आए। कपिल शर्मा अपने पिता और 2-3 लोगों के साथ उनसे मिलने पहुंचे। पीड़ित ने दूसरा प्लॉट मांगा तो आरोप है कि उसके साथ धक्कामुक्की और गाली-गलौज की गई। जान से मारने की धमकी देते हुए कहा गया कि भाग जाओ न तो रकम मिलेगी और न दूसरा प्लॉट मिलेगा। आरोप है कि सरकारी नाले की भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनसे धोखे से 45 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपियों के खिलाफ देश के कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी अपनी सारी संपत्ति बेचकर विदेश भागने की फिराक में हैं।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।