मेरठ। छोटे और सीमांत किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का अवसर देने और आय को दुगनी करने के लिए मंगलवार को नाबार्ड समर्थित नीर आदर्श ऑर्गेनिक कृषक उत्पादक संगठन, सरधना, एवं चमन लाल सेटिया एक्स्पोर्टस बीच जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में बासमती चावल पर एमओयू साइन किया गया।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि एफपीओ किसानों को मोल भाव करने में बड़े उद्यमों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद करते हैं, जिससे सदस्यों को इनपुट और आउटपुट दोनों बाजारों में मदद मिलती है। यह एमओयू किसानों के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि वे अब एफपीओ के माध्यम से अपनी अधिक उपज बेचने के लिए उत्साहित हैं। केंद्रीय सरकार की 10 हजार एफपीओ योजना के तहत एक साल पहले नीर आदर्श जैविक एफपीओ का गठन मेरठ जिले के सरधना ब्लॉक में किया गया था, जिसकी नाबार्ड कार्यान्वयन एजेंसी है। मेरठ गन्ना उत्पादन के लिए जाना जाता है। हालांकि बासमती चावल पर एफपीओ को देख किसान एफपीओ से जुड़ गए हैं। एफपीओ में लगभग 350 किसान हैं। कोशिश है जल्द से जल्द ये संख्या को 500 के पार ले जाए।
एफपीओ को निर्यातक से मिलवाने में रचित उप्पल जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड एवं डॉ. रितेश शर्मा प्रधान वैज्ञानिक, बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (एपीडा) की अहम भूमिका रही। इस मौके पर सीडीओ शशांक चौधरी और एएएमओ राहुल यादव शामिल रहे।