अब्दुल मजीद भी म्यांमार का मूल निवासी है और वह 2001 में अवैध रूप से देश में घुस आया था। देश के विभिन्न हिस्सों में रहने के बाद 2004 से शामली में रहते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पैन कार्ड, आधार कार्ड हासिल कर लिए थे। इनके आधार पर एसबीआई और पीएनबी में खाते खुलवाए। अब्दुल मजीद ने 2016 से मई 2019 तक मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद में पढ़ाया। इसके बाद से वह मदरसा जामिया असरफिया थानाभवन में रहकर पढ़ा रहा था। इस मामले में मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद के मोहतमिम वासिफ अमीन, मदरसा मिफ्ता उल उलूम जलालाबाद के मोहतमिम/ प्रबंधक मौलाना हफीयुल्ला और मदरसा अशफिया थानाभवन के मोहतमिम/ प्रबंधक कारी अशरफ को भी गिरफ्तार किया गया है।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन पासपोर्ट, तीन संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी नई दिल्ली द्वारा निर्गत असलाइम सीकर के रूप में पंजीकरण प्रमाणपत्र, दो आधार कार्ड, दो बैंक पासबुक, दो एटीएम कार्ड, एक भारतीय पैन कार्ड, विदेशी मुद्रा म्यांमार के चार नोट, भारतीय नकदी 8030 रुपये और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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