मेरठ। इंचौली क्षेत्र में जहर का इंजेक्शन देकर पशुओं को मारने वाले गिरोह में 20 से अधिक लोग शामिल हैं। जांच के बाद पुलिस ने इस केस में संगठित होकर अपराध करने की धारा 111 भी बढ़ा दी है। अभी तक केवल एक ही आरोपी समर गार्डन निवासी फरमान पकड़ा गया है।
इंचौली थाना क्षेत्र के गांव साधारणपुर में रविवार सुबह बॉबी की भैंस मृत मिली थी। उसने मृत मवेशी उठाने वाले को फोन किया तो वह 20 मिनट में ही आए गए। उनकी गाड़ी में एक मृत भैंस और भी थी। शक होने पर उन्होंने पूछताछ शुरू की तो श्यामनगर निवासी शाकिब भाग गया और समर गार्डन निवासी फरमान को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। ग्रामीणों ने पिटाई की तो फरमान ने बताया था कि दो दिनों के अंदर आसपास के गांवों में पशुओं को जहर का इंजेक्शन उसने ही लगाया था। करीब आधा दर्जन गांवों में 12 से अधिक पशुओं को मारा जा चुका है। इंचौली थाने में किठौर निवासी ठेकेदार रिजवान, इमरान, शाकिब और फरमान के नामजद तथा अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी फरमान को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। बाकी आरोपियों को पुलिस तीन दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
धारा 111 का पहला केस, हो सकती है उम्रकैद
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि ठेकेदार इमरान और रिजवान का 20 से अधिक लोगों का गिरोह पशुओं को जहर का इंजेक्शन लगाकर मारने का काम करता है। इस गिरोह को पकड़ने लिए इंचौली पुलिस की दो टीम के अलावा स्वाट ग्रामीण और सर्विलांस की टीम को लगाया गया है। जिले में बीएनएस की धारा 111 लगाने का यह पहला केस है। इस धारा में उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
-