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युवक की हत्या में चार लोगों को आजीवन कारावास

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मेरठ। 12 साल पहले शौकत कॉलोनी में हुई साबिर की हत्या में चार दोषी बंटी, रिजवान, मुज्जा और आशु उर्फ वसीम निवासीगण शौकत काॅलोनी लिसाड़ी गेट को दोषी पाते हुए न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-6 ओमप्रकाश ने ने दोषियों पर 16-16 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। दोषियों ने साबिर को घर से बुलाकर की हत्या करके शव के टुकड़े कर जंगल में फेंक दिए थे।
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अभियोजन के अनुसार, शौकत काॅलोनी निवासी इमामुद्दीन ने लिसाड़ी गेट थाने पर 28 फरवरी 2013 को अपहरण रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि आरोपी बंटी, रिजवान, मुज्जा, आशु उर्फ वसीम और जुबेर उसके बेटे साबिर को शाम छह बजे घर से बुला ले गए थे। उसका बेटा लौटकर नहीं आया। पुलिस ने पांचों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। दो दिन बाद साबिर का शव बरामद हुआ था। उसकी धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई थी। शव कई टुकड़ों में मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण के साथ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धारा भी बढ़ा दी थी।
पुलिस ने चार मार्च 2013 को रिजवान, आशू उर्फ वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद पांच मार्च 2013 को मुज्जा को 7 मार्च को 2013 को जुबैर तथा 15 मार्च 2013 को बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आ गए थे। इस मामले की सुनवाई न्यायालय एडीजे-6 में हुई। दोनों पक्षों को सुनते हुए न्यायालय ने बंटी, रिजवान, आशु उर्फ वसीम और मुज्जा को हत्या में आजीवन कारावास और प्रत्येक को दस हजार रुपये अर्थदंड, साक्ष्य छुपाने पर सभी को सात साल की सजा व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड, आर्म्स एक्ट में सभी को तीन साल की सजा और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में पांचवें आरोपी जुबैर की कुछ साल पहले मृत्यु हो गई थी।
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