मवाना। पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार सदस्यों को गिरफ्तार पांच बाइक व एक बाइक के पार्ट्स बरामद किए है। ये गिरोह काफी समय से क्षेत्र में बाइक चोरी करके देहात में बेच रहा था। पकड़े गए आरोपियों में बहसूमा का मिस्त्री आसिफ भी शामिल है।
सीओ मवाना अभिषेक पटेल ने बताया कि मवाना थाना प्रभारी विशाल श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ पक्का तालाब के पास चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान हस्तिनापुर की ओर से बिना नंबर की बाइक एक युवक को चेकिंग के लिए रोका गया। उसने अपना नाम अंकुर नागर निवासी ग्राम किशनपुर बिराना थाना मवाना बताया। संदेह होने पर बाइक की ई-चालान एप से जानकारी ली गई, तो बाइक चोरी की पाई गई। पूछताछ में अंकुर ने बताया कि बाइक को 20-25 दिन पहले शुगर मिल से ममेरे भाई आदित्य उर्फ जित्ते निवासी गांव तखावली व सचिन निवासी गांव किशनपुर बिराना के साथ मिलकर चोरी की थी। अंकुर ने बताया कि आदित्य उर्फ जित्ते व सचिन को हस्तिनापुर नहर पुल के पास खड़े उसका इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने आदित्य उर्फ जित्ते और सचिन को भी गिरफ्तार कर लिया।
7 से 8 हजार में बेचते हैं बाइक
दोनों ने पूछताछ में बताया कि अंकुर बाइक चोरी करता है और उन्हें किसी स्थान पर छिपा देता है। जब भी मौका मिलता है बाइक को हम लोगों के माध्यम से बिकवाता है। एक बाइक के करीब 7 से 8 हजार मिलते हैं। जिसमें से उनको दो-तीन हजार रुपये दे देता है और शेष रुपये अपने पास रख लेता है। सचिन ने बताया कि बिना नंबर की बाइक बेचने के लिए दी थी, परंतु वह बिक न सकी, तो अंकुर को उसे कहीं छुपाकर रखने के लिए वापस दे दिया था। आदित्य उर्फ जित्ते ने बताया गया कि अंकुर के द्वारा एक बाइक कहीं से चोरी करके बेचने के लिए दी थी, जिसे मिस्त्री आसिफ शाहपुर बटावली थाना बहसूमा को बाइक के अलग-अलग पार्ट्स कर बेचने के लिए दे दी थी। आरोपियों ने दो बाइक शुगर मिल व एक बाइक गांव किशनपुर बिराना से चोरी की थी। पुलिस ने मिस्त्री आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया।
सीओ ने बताया कि इनकी निशानदेही पर पांच बाइक और एक बाइक के पार्ट्स बरामद किए है। सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।