22 दिन में पांच आत्महत्या के चार केस, मानसिक तनाव या कुछ और
गंगानगर/मेरठ। एक तरफ जहां लॉक डाउन में घर में रहना पड़ रहा है। वही मनोचिकित्सक मानते हैं घरों में रहना भी मानसिक तनाव बढ़ा रहा है। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन में रविवार तक पिछले 22 दिनों में अकेले गंगानगर क्षेत्र में ही पांच लोगों ने आत्महत्या की है। इन आत्महत्या का कारण पुलिस की जांच में भले ही गृह क्लेश और आपसी संबंध निकल कर आया हो। लेकिन तनाव भी आत्महत्या का कारण है।
केस एक : 22 मार्च की घटना
पुलिस के अनुसार जागृति विहार क्षेत्र के शेर गढ़ी निवासी गौरव (34) जेवर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में कार्य करता था। 12 वर्ष पूर्व उसकी शादी बेगमबाग निवासी अर्चना से हुई थी। 22 मार्च को युवक अपनी साली से मिलने के लिए गंगानगर आया था। जहां दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
केस दो : 7 अप्रैल की घटना
पुलिस के अनुसार, अमरोहा के धनोरा मंडी थाना क्षेत्र के पेले गांव निवासी शशिकांत त्यागी (26) गंगानगर स्थित एक मोबाइल कंपनी के ऑफिस में टेक्नीशियन का काम करता था। 5 अप्रैल की शाम के बाद उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। साथ काम करने वाले साथियों ने तीन बाद शव को कमरे में लटका हुआ देखा। पुलिस के अनुसार रजपुरा निवासी राजकुमार गांव में रहकर खेती करता था। जानकारी के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से ग्रस्त था। पुलिस की जांच में सामने आया कि किसान मानसिक तनाव में था इसी के चलते आत्महत्या की।
केस तीन : 12 अप्रैल की घटना
पुलिस के अनुसार मूल रूप बुलंदशहर के अमरपुर गांव निवासी धर्मेंद्र अमृतसर में फौज में हवलदार के रूप में तैनात थे। कुछ दिन पूर्व में ईशापुरम निवासी अपनी साली से मिलने के लिए आया था। रविवार सुबह साढ़े चार बजे के करीब रश्मि दूध लाने के जगी। अपने कमरे से बाहर आने पर उसे 39 वर्षीय धर्मेंद्र का शव से ग्रिल से लटका हुआ मिला। आत्महत्या के कारणों की पुलिस जांच कर रही है।
संबंध और तनाव भी हो सकते हैं आत्महत्या के कारण
आत्महत्या के अलग-अलग कारण भी होते हैं। जिनमें पारिवारिक विवाद या परिवार के किसी सदस्य से संबंधों के कारण भी आत्महत्या का कारण हो सकते हैं। इस समय लॉकडाउन चल रहा है। कई बार घर में रहकर तनाव भी आत्महत्या का कारण बन जाता है। व्यक्ति के बाहर घूमने निकलता है तो हर प्रकार का तनाव कम होता है। मानसिक तनाव में व्यक्ति ऐसा कदम उठाता है।
- डॉ विभा नागर, क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक