-46 कारतूस, .32 बोर की पिस्टल और .315 बोर का तमंचा बरामद
-फैजान के मोबाइल की जांच से खुला हथियार तस्करी का राज, सहारनपुर से जुड़े तार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भावनपुर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें हसनपुर कदीम निवासी राशिद उर्फ मंत्री भी शामिल है। गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ में राशिद के पैर में गोली लगी। उसके साथी हसनपुर कदीम निवासी कार्तिक, मुरलीपुर निवासी विशाल, हापुड़ के बासतपुर गांव निवासी अर्जुन के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, .315 बोर का तमंचा और 46 कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में कारतूस करीब एक साल पहले सहारनपुर से खरीदने की बात सामने आई है।
सीओ पंकज लवानिया के अनुसार पुलिस जांच में हथियारों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क सामने आया। आरोपी राशिद के मोबाइल जांच के दौरान पुलिस को फैजान से उसका संपर्क मिला। पुलिस ने राशिद के मोबाइल की जांच की तो पता चला कि पांच अक्तूबर को ज्ञानपुर के जंगल में बाइक सवार मवाना के जयसिंहपुर निवासी इरशाद से 50 हजार रुपये की लूट व नकली नोटों के मामले में जेल गए फैजान से वह संपर्क में था। वहीं इरशाद से लूट के मामले में फैजान, हिस्ट्रीशीटर साजिद, अभिषेक व भावनपुर थाने के सिपाही प्रसन्नचित और आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच शुरू की थी। इसी दौरान फैजान के मोबाइल से भी अवैध हथियारों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त से जुड़े सुराग मिले थे। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। हथियार तस्करी से जुड़े आरोपियों की तलाश की जा रही है।
-साजिद और दो सिपाहियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस जांच में सामने आया है कि नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर साजिद और थाने के दोनों सिपाहियों की हथियारों की खरीद-फरोख्त में भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आरोपी राशिद के मोबाइल से हथियारों की आपूर्ति किए जाने के सुराग मिले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद कारतूस करीब एक साल पहले सहारनपुर से खरीदे गए थे। हालांकि पुलिस अभी यह पता नहीं लगा सकी है कि बरामद हथियार और कारतूस आगे किसे आपूर्ति किए जाने थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।-