मेरठ में चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस, एलएलबी, स्नातक और परास्नातक की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को मेडिकल पुलिस ने रविवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी और सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने शनिवार को खुलासा किया था कि सीसीएसयू में कॉलेज व इंस्टीट्यूट में होने वाली परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं रखी होती थीं। उत्तर पुस्तिका अनुभाग इंचार्ज पवन से साठगांठ कर यह गिरोह उत्तर पुस्तिकाएं बदलते थे। बिजनौर निवासी छात्रनेता कविराज इस गिरोह का सरगना है। गिरोह में विवि के तीन कर्मचारी भी गिरफ्तार किए गए थे। यह गिरोह एमबीबीएस की कॉपियां बदलकर करीब 600 छात्रों को पास करा चुका था।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव की तरफ से मेडिकल थाने में सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मेडिकल थाने के कार्यवाहक एसओ राजवीर सिंह ने बताया कि चार नामजद आरोपियों कविराज पुत्र हरपाल सिंह निवासी शाहपुर श्योहारा बिजनौर हाल पता जागृति विहार, थाना मेडिकल, कपिल कुमार पुत्र उदयराम सिंह निवासी गौतमनगर थाना ब्रह्मपुरी, संदीप कुमार पुत्र गुरचरण निवासी मुर्गीफार्म थाना भावनपुर और पवन कुमार पुत्र स्व. सुल्तान सिंह निवासी डी-18 यूनिवर्सिटी कैंपस को रविवार को एसीजेएम-10 की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट के आदेश पर आरोपियों को जिला कारागार भेज दिया गया।
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